दुर्ग। कोर्ट ने नाबालिग लड़की को भगा ले जाने और शादी का झांसा देकर उसके साथ अनाचार करने के मामले में आरोपी युवक को सात साल कारावास की सजा दी है। इसमें सहयोगी युवती को छह साल की सजा सुनाई गई। न्यायाधीश हरीश कुमार अवस्थी की अदालत में यह फैसला हुआ।

अतिरिक्त लोक अभियोजन पुष्पारानी पाढ़ी के मुताबिक घटना 02 अप्रैल 2014 की है। छावनी थानांर्गत कैंप-1 तीन दर्शन मंदिर रोड निवासी आरोपी शहबाज खान (21 वर्ष) ने एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहलाया फुसलाया और शादी करने का झांसा दिया।

स्कूल में पढ़ने वाली यह बालिका उसके झांसे में आ गई और वह आरोपी के साथ चली गई। आरोपी ने गुजरात में रखकर बालिका के साथ अनाचार किया और बाद में वह मुकर गया। साथ ही आरोपी ने पीड़िता को वापस लाकर छोड़ दिया। घटना की जानकारी पीड़िता ने अपने परिजनों को दी। उन्होंने छावनी थाने में आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई।

मध्यस्थता कराना पड़ा महंगा, भुगतनी होगी सजा

कोर्ट ने पीड़िता और आरोपी युवक के बीच मध्यस्थता करने वाली वहीं की एक युवती को भी सजा दी है। आरोपी युवती आरती साव (27 वर्ष ) ने आरोपी और पीड़िता के बीच जान-पहचान करवाई थी और उसे भागने के लिए प्रेरित किया था। पुलिस ने इस युवती के खिलाफ भी विभिन्न धाराओँ में अपराध दर्ज किया था।