दुर्ग (वि.)। निगम आयुक्त ने शहर की छोटी-बड़ी नालियों में ठोस, प्लास्टिक व अन्य अपशिष्ट को रोकने के कार्य को करने चार जोन बनाकर 15 इंजीनियर स्टाफ व आठ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निरीक्षण और रूट अनुसार कार्य कराने का आदेश दिया है। इंजीनियरों ने उक्त कार्य को संभाला लिया है।

निगम आयुक्त ने बताया कि एसएलआरएम सेंटरों, ट्रेचिंग ग्राउंड, सिटी-पीटी, नालियों में जाली, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं रूट में आने वाले कार्यो का निरीक्षण व जांच आने वाले दिनों में उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के न्यायाधीश व नगरीय निकाय विभाग के संचालक द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में विगत दिनों हुई बैठक में निर्देश दिया गया है। जिसके मुताबिक निकाय क्षेत्रान्तर्गत सभी प्रकार के छोटी-बड़ी नालियों में ठोस, प्लास्टिक एवं अपशिष्ट को रोकने उपयुक्त उपाय करने कहा है। उक्त कार्य के लिए एके दत्ता कार्यपालन अभियंता को नोडल अधिकारी बनाया गया है। साथ में एमपी गोस्वामी कार्यपालन अभियंता, प्रभारी कार्यपालन अभियंता राजेश पाण्डेय एवं स्वास्थ्य अधिकारी उमेश कुमार मिश्रा भी सफाई की मॉनीटरिंग करेंगे। आयुक्त ने बताया कि गठित टीम एसएएफ बटालियन से राजेन्द्र पार्क चौक तक, राजेन्द्र पार्क से धमधा नाका कृषि मण्डी तक, राजेन्द्र पार्क से सिविल लाईन होते हुये महाराजा चौक तक, महाराजा चौक से पोटिया ट्रेचिंग ग्राउंड तक एवं पुलगांव डायवर्सन रोड तक के नालियों में ठोस, प्लास्टिक, व अन्य अपशिष्ट जाने से रोकने के उपाय करेगें। इस काम के लिए निगम के इंजीनियरों की ड्यूटी लगाई गई है। इस कड़ी में शुक्रवार को कार्यपालन अभियंता एके दत्ता, जगदीश केशरवानी व अन्य अधिकारियों ने नया बस स्टैंड में सिटी-पीटी शौचालय में व्यवस्था का निरीक्षण किया। यहां कि नालियों से मलमा निकालकर उठाया गया तथा विभिन्न वार्डो से कचरा, मलमा उठाकर सफाई कराई गई।

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