दंतेवाड़ा /किरंदुल। मलांगिर पहाड़ी स्थित पंप हाउस एक सप्ताह बाद भी शुरू नहीं हो पाया। लिहाजा एनएमडीसी को पानी सप्लाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। प्रबंधन पहाड़ी के बीच क्रू पाइंट में बहने वाले झरने के पानी का उपयोग कर रही रही है। ताकि माइनिंग एरिया में छिड़काव के साथ मौजूद लोगों के पेयजल की व्यवस्था हो सके। ज्ञात हो कि करीब दस दिन पहले बंद के दौरान नक्सलियों ने मलांगिर पंप हाउस के कर्मचारियों को बंधक बनाने के साथ वाहन को आग लगा दी थी। इसके बाद कर्मचारी पंप हाउस नहीं पहुंच रहे हैं और पानी की आपूर्ति बाधित है।

भू राजस्व संशोधन विधेयक के विरोध में नक्सलियों के 5 फरवरी को बंद का आव्हान किया था। इस दौरान मलांगिर स्थित पंप हाउस में कर्मचारियों को बंधक बनाया और एक वाहन को आग लगा दी थी। साथ ही कर्मचारियों को दोबारा वहां नहीं आने की चेतावनी दी। इसके बाद से पंप से पानी सप्लाई बंद है। अब माइनिंग एरिया और प्लांट में पानी आपेर्ति के लिए एनएमडीसी प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है।

प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक तौर पर लोहे के पहाड़ों के मध्य क्रू पॉइंट में बह रहे एक झरने का उपयोग शुरू किया है। बताया जा रहा है की इस जगह में दस एचपी का मोटर पंप लगाया गया है। जिससे लगभग एक लाख लीटर पानी माइनिंग और प्लांट में पंहुचाया जा रहा है। यहां तीनो शिफ्टों में काम हो रहा है।

पानी के बड़े-बड़े टैंकर लगाए गए हैं। ये टैंकर माइनिंग एरिया में प्रतिदिन करीब 60 फेरे लगाते हैं। साथ ही पहाड़ों मे एनएमडीसी की सुरक्षा में तैनात सीआईएसऍफ़ के चार बैरकों में भी पानी की निर्बाध आपूर्ति हो रही है। इसके लिए फायर ब्रिगेड का उपयोग हो रहा है।


बैरंग लौट आई टेक्नीकल टीम

मलांगिर स्थित पंप हाउस में आई क्षति को दुरूस्त करने और दोबारा पानी सप्लाई की कवायद भी शुरू कर दी गई है। एनएमडीसी प्रबंधन सूत्रों की मानें तो गुरूवार को एक टीम मलांगिर रवाना हुई, लेकिन रास्ते में कुछ संदिग्धों के मिलने से टीम बैरंग लौट आई।

आशंका जताई जा रही है कि मलांगिर पंप हाउस और आसपास नक्सलियों की मौजूदगी की है। इधर पंप चालू करने के लिए किरंदुल पुलिस और एनएमडीसी प्रबंधन के बीच भी वार्ता होने की बात कही जा रही है। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी किसी तरह की चर्चा करने से बच रहे हैं।