बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कानों का खयाल रखें और उसमें तेल, बड या पिन डालने से परहेज करें। ऐसा करने से कई प्रकार की समस्याएं आ सकती है। साथ ही बिना विशेषज्ञ के दवा का उपयोग भी नहीं करना चाहिए। इसी तरह नाक व गले से संबंधित समस्याओं पर भी सावधानी बरतें तो काफी हद तक हम समस्याओं से दूर रह सकते हैं।

ये बातें बुधवार को नईदुनिया कार्यालय में आयोजित हैलो नईदुनिया में पाठकों की स्वास्थ्य समस्याओं का जवाब देते हुए ईएनटी विशेषज्ञ डॉ.आरपी मिश्रा ने कही। उन्होंने पाठकों की जिज्ञासाओं को शांत करते हुए उनके सवालों का जवाब दिया और उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण सलाह दी। हैलो नईदुनिया में शहर व आसपास के क्षेत्रों समेत मध्यप्रदेश से भी लोगों ने फोन पर अपनी समस्या के निदान के लिए सवाल किए। कार्यक्रम के बाद भी फोन आते रहे। इस अवसर पर नईदुनिया के स्थानीय संपादक डॉ.सुनील गुप्ता उपस्थित थे।

0 नाक से खून आने पर करें ये उपाय

नाक से खून 99 प्रतिशत केस में चोट लगने की वजह से आता है। वहीं दूसरा कारण बीपी की वजह से भी नाक से खून आता है। इससे डरने की जरूरत नहीं है। नाक से खून आना बीपी के पेशेंट के लिए अच्छा है। जब नाक से खून आए तब लेटें नहीं बल्कि नाक को दबाकर बैठ जाएं। इससे खून आना रुक जाता है। इसके बाद चिकित्सक की भी सलाह ले लें। कानों से सिटी की आवाज भी कोई बड़ी बीमारी नहीं है। यह आखों में लगे चश्मे का नंबर बढ़ने की वजह से भी होता है। चक्कर आना भी समस्या है। इसे विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।

0 बीपी, शुगर, थायरायड की भी करवाएं जांच

बीपी, शुगर, थायरायड व आंखों की जांच भी समय-समय पर करवाते रहना चाहिए। इससे भी कानों में समस्या होती है।

0 नियमित दिनचर्या और खानपान का रखें ख्याल

नियमित दिनचर्या और खानपान का ख्याल रखना चाहिए। इससे कई समस्या अपने आप दूर हो जाती है। खाने में प्रोटीन और विटामिन की सही मात्रा रखे।

पाठकों के सवाल- डॉ.मिश्रा के जवाब

सवालः नाक बंद रहती है क्या करें।

डीएन कश्यप, तखतपुर

जवाबः कभी-कभी एलर्जी या अन्य वजह से भी होता है। ऐसे में दवा के साथ ही एक्सरे करवाना पड़ेगा। एक्सरे के बाद ही उपचार शुरू होगा।

सवालः सर्दी-जुकाम रहता है और एक तरफ की नाक भी बंद रहती है व छिंक आती है। एलर्जी भी है।

वसीम राजा अंसारी, कोटा

जवाबः एलर्जी की वजह है उससे परहेज करें। दवा समय पर लेते रहें। एलर्जी की दवा लंबे समय तक लेना पड़ता है। इसके साथ ही हरी सब्जी और प्रोटीन को भी अपने आहार में शामिल रखें।

सवालः नाक में पपड़ी-सी जम जाती है और बदबू आती है।

राजेश साहू, बैकुंठपुर

जवाबः ये समस्या परिवार में किसी को होने से भी आती है और कभी-कभी विटामिन-सी की कमी से भी होता है। ऐसे में भाप लें और सफाई करने की कोशिश न करें। इससे खरोच व चोट लग जाती है। इससे नाक से खून आने लगता है।

सवालः एक कान में खुजली होती है और सर्दी भी रहती है।

पूनम सांडे, बिलासपुर

जवाबः मैल जमने की वजह से खुजली होती है। साधारण रूप से इसका उपचार संभव है। अपने चिकित्सक से मिलकर सलाह लें और कान में ईयर बड्स या तेल न डालें। जहां तक सर्दी की बात है तो वह एलर्जी से भी होती है।

सवालः सब्जी खाने से गले में जलन होती है।

जया गुप्ता, बिलासपुर

जवाबः खाते समय ध्यान रखें कि किस चीज के खाने से ऐसा हो रहा है। उसके बाद उससे पूर्ण रूप से परहेज रखें। साथ ही मिर्च-मसाला भी कम उपयोग करें।

सवालः बुखार और खांसी साल में दो से तीन बार होती रहती है।

जयंतराम केंवट, मंगला

जवाबः मौसम में बदलाव की वजह से भी होता है। ऐसे में जब मौसम बदलता है तो विशेष ख्याल रखें। सर्दी-जुकाम होने पर भाप लें और यदि बुखार भी रहता है तो विशेषज्ञ की सलाह से दवा लें।

सवालः एक महीने से गले में खरास है।

संतोष मरकाम, खैरा

जवाबः ज्यादा ठंडा पानी न लें, भाप लें और ज्यादा तकलीफ होने पर विशेषज्ञ की सलाह से एंटीएलर्जिक दवा लें। साथ ही नियमित दिनचर्या रखें।

सवालः सुबह उठते ही छिंक होने लगती है।

पुष्पा सिंह ठाकुर, बिलासपुर

जवाबः एलर्जी की वजह से ऐसा होता है। उठते ही ठंडे में जाने से बचें और तकलीफ बढ़ने पर दवा लें। साथ ही एलर्जी टेस्ट करवा लें। इससे एलर्जी का कारण पता चल सकेगा।

सवालः गले में चावल(भात) अटकता है और हिचकी आती है।

टी.राय, मरवाही

जवाबः ज्यादा सूखा चांवल खाने से बचें। उसमें ज्यादा मात्रा में दाल मिलाकर तरल कर खाएं। इसके बाद भी समस्या बनी रहे तो कुछ दिनों के लिए चावल(भात) छोड़ दें।

सवालः पिछले तीन सालों से टॉन्सिल की शिकायत है और कानों में भी दर्द रहता है।

गोविंद प्रजापति, कटघोरा

जवाबः प्रोटीन लें और ठंडे पानी व खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। यदि फिर भी बार-बार समस्या बनी रहे तो टॉन्सिल का ऑपरेशन करना पड़ेगा।

सवालः पिछले तीन-चार सालों से गले में दर्द रहता है और छाले हो जाते हैं।

मुकेश गुप्ता, गनियारी

जवाबः विटामीन ज्यादा लें और नींबू, अनार और केला भी अपने आहार में शामिल करें। साथ ही ठंडे पानी का उपयोग न करें। बुखार हो तो विशेषज्ञ की सलाह पर दवा लें। कभी-कभी अनियमित दिनचर्या की वजह से भी छाले होते हैं।

सवालः कान में सिटी की आवाज आती है और झनझनाहट रहती है।

चंद्रा जायसवाल, जशपुर

जवाबः बीपी बढ़ने की वजह से भी कानों से सिटी की आवाज आती है। कभी-कभी नसों की कमजोरी और थायरायड के साथ ही आंखों की कमजोरी की वजह से भी ऐसा होता है। ऐसे में थायरायड, बीपी और आंखों की जांच करवाएं।

सवालः गले में दर्द रहता है।

अर्जुन देवांगन, चांपा

जवाबः हर दर्द में दवा की जरूरत नहीं होती है। गरारा करने से भी ठीक हो जाता है। यदि बुखार हो तो विशेषज्ञ की सलाह से दवा लें।

सवालः पिछले सालभर से मौसम के बदलते ही सर्दी हो जाती है।

जी.शर्मा, बिलासपुर

जवाबः ये एलर्जी का लक्षण है। पहले एजर्ली टेस्ट करवा लें और जिस चीज से एलर्जी निकले उससे परहेज करें।

सवालः कानों से सिटी की आवाज आती है और पिछले दो सालों से सिर में दर्द रहता है।

उत्तम लाल, सक्ती

जवाबः बीपी, शुगर का ध्यान रखें और यदि आपको चश्मा लगा हुआ है तो उसे नियमित लगाकर रखें। इससे दर्द अपने-अपने आप ठीक हो जाता है।

सवालः दाएं कान से आवाज आती है।

नरेश सिदारा, बिलासपुर

जवाबः ये वैक्स की वजह से होता है। वैक्स निकालने कानों में तेल य बड न डालें। इसके लिए बाजार में दवा मिलती है। उसका उपयोग अपने चिकित्सक की सलाह पर करें।

सवालः क्या दवा से कान खराब होता है।

ए.चक्रवर्ती, मसानगंज

जवाबः हां कुछ दवा ऐसी होती है जिनका लंबे समय से उपयोग करने पर उसका असर कानों में पड़ता है। ऐसे में दवा को बंद करना ही बेहतर होगा। साथ ही गाना गाने पर आवाज का मोटा होना वोकल कार्ड में सूजन की वजह से होता है। ऐसे में गले को आराम दें।

सवालः पिछले दो-तीन सालों से कानों में पानी भरने की शिकायत है। साथ ही मवाद भी आता है।

आशीष सोनवानी, खमरिया

जवाबः कान में छेद होने की वजह से भी ऐसा होता है। एक्सरे सहित अन्य जांच के बाद स्थिति पता चल सकेगी और तब सही उपचार मिल पाएगा। अभी तालाब में नहाना बंद कर दें।

सवालः सुंघने की क्षमता खत्म-सी हो गई है।

राधुश्याम गुप्ता, सरगुजा

सवालः नाक में मांस बढ़ने से नाक जाम-सी हो जाती है, जिससे ऐसा होता है। सिटी स्कैन के बाद ही सही स्थिति का पता चल सकेगा।

सवालः पिछले डेढ़ सालों से गले में अटका-सा लगता है और चक्कर भी आता है।

संध्या राय, लोरमी

जवाबः तेल और मसाले वाले भोजन से परहेज करें और पानी ज्यादा लें। साथ ही नींबू और गुड़ भी आहार में शामिल करें।

सवालः नाक में दर्द रहता है और छिंक आती है व सांस लेने में भी तकलीफ होती है।

संतोष, लोरमी

जवाबः आंखों की जांच करवा लें और जो ड्रॉप ले रहे हैं उसे बंद कर दें। अनुलोम-विलोम करें, इससे राहत मिलेगी।

सवालः बाएं तरफ की नाक में पपड़ी-सी जमी रहती है और बदबू भी आती है।

श्याम, मोपका

जवाबः भाप लें और ग्लिसरीन की कुछ बुंदें नाक में डालें। इससे नमी बनी रहेगी।

सवालः नाक से सिटी की आवाज आती है।

उषा दुबे, अकलतरा

जवाबः बीपी, शुगर, थायरायड व आंखों की जांच करवाएं। यदि जांच में सभी नार्मल आएगा तो ये समस्या अपने आप ठीक हो जाती है।

सवालः नाक से पानी गिरता है और छिंक भी आती है।

प्रभात, रेशमपुर

जवाबः ऐसा धूल या अगरबत्ती के धुएं य अन्य किसी चीज से एलर्जी की वजह से होता है। इसका पता एलर्जी टेस्ट से चल सकेगा।

सवालः लंबे समय से टीबी की दवा ले रहे हैं। अभी सुनाई कम देता है तो ये क्या दवा की वजह से है।

ललीत रात्रे, यदुनंदन नगर

जवाबः लंबे समय से टीबी की दवा से नसें खराब होती हैं। यदि ऐसा हो रहा है तो मशीन लगाना पड़ेगा। शुरू में ही दिखाने से समस्या दूर हो सकती थी।

सवालः गला सुखता है।

सूरज मिश्रा, मंगला

जवाबः बीपी, शुगर समेत सभी प्रकार की जांच करवाएं। साथ ही अपने वजन को भी नियंत्रित करें।

सवालः कान साफ करने का घरेलू उपाय

रवि कौशिक, मुलतई(मध्यप्रदेश)

जवाबः इसकी ज्यादा जरूरत नहीं होती है। कान में कुछ भी नहीं डालना चाहिए। कानों में जमा वैक्स अपने आप सूखकर निकल जाता है। सफाई के चक्कर में कानों को नुकसान पहुंचता है।

सवालः पांच सालों से सर्दी की समस्या बनी हुई है।

जीवी टंडन, करगीरोड

जवाबः घर में किसी को दमा की शिकायत होने की वजह से आपको एजर्ली हो सकती है। कभी-कभी धूल, धुएं या अन्य किसी से एलर्जी होने से ऐसा होता है। इसका पता एलर्जी टेस्ट से ही चल सकेगा।

सवालः कानों में खुजलाहट होती है और खून भी आता है।

परमानंद श्रीवास, सकरी

जवाबः खुजलाने से कानों में चोट लग जाती है। इससे खून आने लगता है।

सवालः गला बैठा हुआ है।

निशांत केशरवानी, शिवरीनारायण

जवाबः गरारा करें व भाप भी लें आराम मिलेगा। साथ ही तेल, मिर्च-मसाले की चीजों से परहेज करें और सुबह नींबू का पानी लें।