भिलाई। केंद्रीय जेल दुर्ग को अपने अपराध की स्थली बना चुके कुख्यात गैंगस्टर तपन सरकार को जेल प्रशासन द्वारा गुरुवार को केंद्रीय जेल दुर्ग से अंबिकापुर शिफ्ट किया गया था। इसके अगले दिन उसके गुर्गों को भी दूसरे जेल में शिफ्ट करने का आदेश जेल मुख्यालय ने दिया है।

दुर्ग जेल में बंद तपन के 11 गुर्गों को जेल मुख्यालय ने प्रदेश के अन्य जेलों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। आदेश में कार्रवाई कर जेल प्रशासन को अवगत कराने की भी बात लिखी हुई है।

दुर्ग जेल के भीतर बैठकर ही अपराध का पर्याय बन चुके गैंगस्टर तपन सरकार और उसके गुर्गों के खिलाफ सप्ताहभर में ही सिटी कोतवाली दुर्ग, सुपेला और मोहन नगर में एक के बाद एक करके तीन मामले दर्ज हुए। सभी मामलों में एक बात का पर्दाफाश हुआ कि तपन सरकार अपने गुर्गों के साथ जेल में बैठकर ही बाहर में आपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहा है।

जेल के भीतर इन कुख्यात अपराधियों तक मोबाइल और अन्य सामान के पहुंचने से इस बात की भी पुष्टि हुई कि गैंगस्टर और उसके गुर्गों पर जेल प्रशासन भी पूरी तरह से मेहरबान था।

हालांकि लगातार थू-थू होने के बाद जेल प्रशासन ने तीन महीने पहले पहुंचे आदेश का पालन किया और सबसे तपन सरकार को दुर्ग से अंबिकापुर जेल शिफ्ट किया। इसके अगले दिन ही तपन के बाकी गुर्गों को भी दूसरे जेल में शिफ्ट करने का आदेश आ गया है।

जेल प्रशासन ने गुरुवार को लिखा था पत्र

यहां बता दें कि तपन सरकार के अंबिकापुर शिफ्टिंग के आदेश को तीन महीने तक दबाकर रखने वाले दुर्ग जेल प्रशासन ने तपन सरकार को अंबिकापुर जेल शिफ्ट करने के साथ ही उसके गुर्गों को भी अलग-अलग जेलों में भेजने के लिए पत्र लिख दिया। इस पर जेल मुख्यालय ने भी तत्काल मंजूरी दे दी और सभी कैदियों को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट करने के लिए कहा।

दुर्ग जेल प्रशासन इस बात को तो स्वीकार किया है कि तपन गैंग के बाकी अपराधियों के शिफ्टिंग के आदेश मिले हैं, लेकिन किस अपराधी को कहां शिफ्ट किया जा रहा है। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इसके साथ ही यह भी नहीं बताया है कि अपराधियों को कब यहां से शिफ्ट किया जाएगा।

दुर्ग जेल से साम्राज्य खत्म करने की कोशिश

गैंगस्टर तपन सरकार और उसके गुर्गों को दूसरे जेल में भेजने के साथ ही दुर्ग जेल से उसका पूरा साम्राज्य खत्म हो जाएगा। हालांकि दुर्ग जिले में सक्रिय उसके गुर्गे बाहर तो काम करते रहेंगे, लेकिन तपन के न होने से वे भी कमजोर जरूर पड़ेंगे।

खास बात यह है कि गैंग के सभी अपराधियों को एक साथ न रखकर सभी को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। इससे तपन का संगठित गिरोह टूटेगा और वो भी कमजोर पड़ेगा।

जेल के भीतर रहकर जुर्म करने का यह मामला अभी गर्म है, इसलिए यह माना जा रहा है कि अभी कुछ महीनों तक सारे अपराधी चूं तक नहीं करेंगे, लेकिन ये ज्यादा समय तक शांत बैठेंगे। इस बात को लेकर संशय बरकरार है। क्योंकि सभी अपराधी वहां जा रहे हैं, जहां वे पहले भी रह चुके हैं।

- कैदियों को दूसरे जेल में शिफ्ट करने का आदेश मिला है, लेकिन कब शिफ्ट करेंगे। यह सुरक्षा के लिहाज से नहीं बता सकते हैं। तपन गैंग के सभी कैदियों को दूसरे जेल में शिफ्ट किया जाएगा। - जेल प्रशासन, केंद्रीय जेल दुर्ग