कांकेर। नईदुनिया न्यूज

कान्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, हाजी वली मोहम्मद, मोहम्मद आरिफ, शैलेंद्र सिंह, गौरव शास्त्री, शेख रिया, नीरज गोलचा, दीपक शर्मा ने बताया कि कॉन्फडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स द्वारा वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जीएसटी के वार्षिक विवरणी दाखिल करने की अंतिम तिथि जो 31 दिसंबर 2018 थी। इसे तीन माह बढ़ाकर 31 मार्च 2019 कर दिया गया है।

ज्ञात हो कि इस संबंध में छह दिसम्बर को कैट द्वारा केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया था कि चूंकि जीएसटी की वार्षिक विवरणी का प्रारूप व्यापारियों के लिए नया है और वे इससे पूर्णतः परिचित भी नहीं है। साथ ही इतने कम समय में प्रदेश व देश के व्यापारियों द्वारा रिटर्न भर पाना कठिन होगा। अतः इसके लिए व्यापारियों को समय देते हुए इसके दाखिल करने की अंतिम तिथि तीन माह बढ़ायी जावे। वित्त मंत्री द्वारा कैट के अनुरोध पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए वार्षिक विवरणी की तिथि 31 मार्च 2019 तक बढ़ा दी गई है।

कैट के राष्ट्रीय उपा्रयक्ष व प्रदेष अध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा कि इस बीच कैट द्वारा जीएसटी विभाग के साथ मिलकर, अभियान चला कर, सेमीनार के माध्यम से व्यापारीयों को इस के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा साथ ही वार्षिक विवरण पत्र दाखिल करने के लाभ के संबंध में संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी।

वार्षिक विवरणी फाईलिंग की अंतिम तिथि के पूर्व अधिक से अधिक संख्या में विवरणी फाईलिंग के लिए व्यापारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि अंतिम तिथि पर किसी तरह का दबाव जीएसटी पोर्टल पर न पडे़ व सभी व्यापारी अपना रिटर्न फाईल कर लाभ ले सके। इससे एक तरफ जहां व्यापारी अपना रिटर्न संशोधित कर सकते हैं वहीं दूसरी ओर वे अपने इनपुट क्रेडिट का पूरा लाभ लेकर जीएसटी के बकायेदारी से भी बच सकते हैं।

इस दृष्टि से जीएसटी के वार्षिक विवरण का भरा जाना प्रत्येक व्यापारी के लिए महत्वपूर्ण हैं। कैट द्वारा जीएसटी वार्षिक विवरणी फाईलिंग की अंतिम तिथि मार्च 2019 तक बढ़ाये जाने पर कैट सीजी चैप्टर द्वारा वित्त मंत्री अरूण जेटली का आभार व्यक्त किया गया।