रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

हो कबूल हज को जाना ये मदीना जाने वाले, तू मुझे भूल न जाना ये मदीना जाने वाले... हर मुस्लिम की ख्वाहिश होती है कि वो एक बार मदीने जाकर आका के रोजे का दीदार करे। पर हजे बैतुल्लाह पर जाने की मुराद सभी की पूरी नहीं होती। मदीने वाला जिसे चाहता है, उसी को अपने दबार में हाजरी के लिए बुलाता है। जी हां, दिल हज की मुराद लिए कई लोग विश्राम भवन रायपुर पहंचे, जिनकी मुराद लॉटरी से पूरी होनी थी। जब लॉटरी का पिटारा खुला तो कुछ की मुरादें पूरी हुईं और कुछ लोग वेटिंग में रह गए। जिनकी लॉटरी लगी उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। एक-दूसरे के गले मिलकर खुशी जाहिर की और आंसू छलक पड़े। जिनका नाम लॉटरी में नहीं निकला, वो मायूस हो गए और कहा कि खुदा के यहां देर है पर अंधेर नहीं। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी ने हज 2019 के लिये प्रदेश से जाने वाले हज यात्रियों के चयन के लिए कुर्राह (लॉटरी) का आयोजन रविवार को नया विश्राम भवन सिविल लाइन रायपुर में किया। कुल 823 आवेदन आए थे, जिनमें से 434 लोगों का चयन हुआ। इनमें 34 स्पेशल कोटे वाले शामिल हैं।

कुर्राह का उद्घाटन आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग मंत्री डॉ. पे्रमसाय सिंह टेकाम ने किया गया। उन्होंने संबोधित करते कहा कि हर मुसलमान की दिली ख्वाहिश होती है कि वह एक बार अपने प्रमुख तीर्थ स्थल हज की यात्रा पूर्ण कर ले। हज यात्रा के लिये जिन्होंने भी आवेदन किया है, वे इस महत्वपूर्ण तीर्थ पर जाने का सुअवसर जरूर प्राप्त करेंगे। जिन्होंने दिल में इरादा कर लिया है एवं जिनका बुलावा है वे हज के लिये जरूर रवाना होंगे। प्रदेश सरकार हज कमेटी के माध्यम से हज यात्रियों को उच्चस्तरीय सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में बनने वाले हज हाउस के कार्य को तीव्र गति दी जाएगी और रायपुर से ही हज की उड़ान की व्यवस्था करने के लिए सरकार द्वारा पहल की जाएगी।

434 की मुराद हुई पूरी

हज 2019 के लिये राज्य से 823 लोगों ने आवेदन किया। इनमें 423 पुरुष व 400 महिलाएं हैं। 219 ने मैनुअल हस्तलिखित व 604 ने ऑनलाईन आवेदन किए थे। इनमें से 434 लोग हज के लिए जाएंगे। केन्द्रीय हज कमेटी के नियमानुसार राज्य को प्राप्त कुल हज सीट 434 में से 30 रिजर्व कैटेगरी तथा चार महिला विदाआउट मेहरम कैटेगरी शामिल है। शेष सभी हज आवेदकों को कुर्राह के माध्यम से प्रतीक्षा सूची भी जारी की गई। कार्यक्रम में हज कमेटी अध्यक्ष सै. सैफुद्दीन, हज कमेटी के कार्यपालन अधिकारी/सचिव साजिद मेमन, सलाम रिजवी, मोहम्मद असलम खान, डॉ जहीरुद्दीन रिजवी और आवेदक उपस्थित रहे।

वर्जन

खुदा का करम है कि उसने अपने प्यारे महबूब के रोजे का दीदार करने का मौका दिया। कहा जाता है वो जिसे चाहे अपने दरबार में बुलाता है। मेरे दिल में कई सालों से उनके रोजे का दीदार करने की मुराद थी। आवेदन किया और उसने एक ही बार में सुन लिया। मेरे लिए इससे बड़ी बात जिंदगी में और कुछ हो ही नहीं सकती। -मो. रहीम खान, महासमुन्द

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मैं अपनी जिंदगी में पहली इतना खुश हुआ हूं। मैंने सोचा नहीं था कि एक बार में ही मेरा बुलावा आ जाऐगा। लेकिन खुदा ने अपने प्यारे महबूब के रोजे का दीदार करवाने के लिए मेरी मुराद एक ही बार में सुन ली। इससे बड़ी बात और कुछ हो ही नहीं सकती। वहां जाकर अपने प्रदेश और देश के लिए खुशहाली और तरक्की की दुआ करेंगे। -मो. सलीम विनसरा, रायपुर

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आका के रोजे का दीदार करने की ख्वाहिश सभी मुस्लिम बंदे के दिल में रहती है। लेकिन वो जिसे चाहता है, उसी को अपने दरबार में बुलाता है। हम दोनों पति-पत्नी की मुराद तीसरी बार में पूरी हुई। वहां जाकर सरकार से हम लोग यही दुआ मांगेंगे कि सभी को अपनी चौखट के दीदार का मौका दें। साथ ही मेरे प्रदेश को खुशहाल और तरक्की अता करे। -जमीर मोहम्मद शिद्दीकी, कहकशा, भिलाई