रवेली में नौ दिवसीय भागवत कथा का समापन

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रांका/बेमेतरा। नईदुनिया न्यूज

ग्राम रवेली में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का समापन हुआ। शनिवार को गांवो में कलश यात्रा निकाली गई। कबीरधाम रणवीरपुर से पहुंचे कथावाचक पं. रामावतार तिवारी ने कहा कि जैसे वर्षा का जल नदी-नालों से होते हुए समुद्र में मिल जाता है ठीक उसी तरह हम चाहे किसी भी देवी-देवताओं की आराधना करें सब श्रीकृष्ण को अर्पण हो जाते है। उन्होंने कहा कि आज जीवन में तनाव बहुत बढ़ गया है और इसका कारण हम स्वंय है। क्योंकि हम छोटी छोटी बातों को भी सोच सोचकर कर बड़ा बना देते है। लोगों से आपसी मित्रता बनाकर रखे, जीवन सुखमय हो जाएगा। इस अवसर पर भकलु साहू, लक्ष्मण, लक्ष्छीराम साहू, महेश साहू, डॉ. सीआर साहू, गजेन्द्र, मनहरण, दिनेश, गणेश संतकुमार, अनिल सहित अधिक संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

नकारात्मकता को मिटाने सात गुणो को फूल फिल करें

पं. रामावतार तिवारी ने कहा कि आत्मा भी सात गुणों से निर्मित है और ये गुण सुख, शांति, आनंद, प्रेम, पवित्रता, ज्ञान और शक्ति है हमें इन सातो गुणों को फूल फिल करना चाहिए। हमें प्यास लगती है तो हम पानी का ग्लास उठाकर तुरंत पी लेते है। जब हमारे शरीर में वायु व जल की कमी होती है तो उसकी पूर्ति हम अपने भीतर स्वतः ही करते है। उसी प्रकार आत्मा को भी इन दिव्य गुणों से भरपूर करना चाहिए। क्योंकि गुणों की कमी होने से हमारे भीतर नकारात्मक विचार जो कि काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, आलस्य का प्रभाव होने लगता है।

गांवों में निकाली भव्य कलश यात्रा

तुलसी वर्षा के साथ हवन यज्ञ की पूर्णाहूति दी गईं। इस दौरान तुलसी वर्षा में राधे राधे जपा करों कृष्ण नाम रस पिया करों के भक्तिमय भजनों में भक्त गण जमकर झुमते रहे। इस दौरान कथा प्रांगण भक्तिमय बना रहा। शनिवार को गांवों में बालिकाओं, महिलाओं के द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। शिव मंदिर से कलशयात्रा निकली जो गांवों के मुख्य मार्गो होते हुए आबादी पारा में समापन हुआ।