0 घर,कार्यालय एवं डिपो में जांच, पाटर्नर के घर भी दबिश

0 आयकर की इन्वेस्टीगेशन टीम कर रही छापामार कार्रवाई

अंबिकापुर । कोल व्यवसायी एवं छत्तीसगढ़ कोल व्यवसायी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय मित्तल के घर,कार्यालय एवं डिपो सहित पार्टनर के ठिकानों पर गुरूवार सुबह आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा एवं जांच शुरू की। पूरे दिन आयकर विभाग की जांच चलती रही। आयकर अधिकारियों की टीमें व्यवसायी के दस्तावेज एवं अन्य लेन-देन की जानकारी जुटा रही हैं। अनुमान है कि आयकर की जांच पूरी करने में तीन से चार दिन लग सकते हैं। आयकर के छापे की कार्रवाई विभाग के इन्वेस्टीगेशन विंग ने की है, जिसमें वरीय अधिकारी शामिल हैं।

शहर के बड़े कोल व्यवसायी संजय मित्तल के ठिकानों पर दबिश के लिए छत्तीसगढ़ के साथ मध्यप्रदेश से करीब 40 की संख्या में आए आयकर के अधिकारी सुबह ही अंबिकापुर पहुंच गए थे एवं सुबह करीब छह बजे टीम ने संजय मित्तल के अग्रसेन चौक स्थित घर,पुराने बस स्टैंड स्थित कार्यालय एवं रघुनाथपुर स्थित कोल डिपो के साथ ही उनके पाटर्नर विनोद अग्रवाल के घर पुलिस बल के साथ पहुंचे। आयकर अधिकारियों ने सबसे पहले संजय मित्तल के घर पहुंच दरवाजा खुलवा अपना परिचय देने के साथ ही जांच की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने उनका मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों के एक दल ने उनके रघुनाथपुर डिपो पहुंचकर जांच की एवं रिकार्ड का मिलान करने के साथ दस्तावेज जब्त किए। उनके पुराने बस स्टैंड स्थित फर्म हिंद यूनिट्रेड प्राईवेट लिमिटेड के कार्यालय का भी ताला खुलवाकर आयकर अधिकारी जांच में जुटे रहे। उनके पार्टनर विनोद अग्रवाल के कुंडला सिटी स्थित निवास से भी आयकर अधिकारियों ने दस्तावेज एवं अन्य कारोबार की जानकारी एकत्र की।

संजय मित्तल करीब डेढ़ दशक से अधिक समय से कोयले के कारोबार से जुड़े हैं और बड़े पैमाने पर आक्शन के तहत कोयले की खरीद-बिक्री प्रदेश के साथ ही बाहर की कंपनियों को करते हैं। आयकर टीमें खरीदी-बिक्री के साथ ही जमीनों के दस्तावेज की छानबीन कर रही है। देर शाम तक छापे के संबंध में आयकर के अधिकारियों ने कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

इन्वेस्टीगेशन विंग ने की है कार्रवाई-बड़े कोल व्यवसायी संजय मित्तल सहित उनके पाटर्नर विनोद अग्रवाल के निवास एवं कार्यालय में छापे की कार्रवाई आयकर विभाग की इन्वेस्टीगेशन टीम ने की है। इसमें मध्यप्रदेश से आयकर इन्वेस्टीगेशन विंग के ज्वाईंट डायरेक्टर, अस्सिटेंट डायरेक्टर सहित वरीय अधिकारी शामिल हैं। टीम में रायपुर एवं बिलासपुर से भी इन्वेस्टीगेशन विंग की टीम के अधिकारी ही शामिल हैं। जानकारी के अनुसार यह विंग सीधे आयकर विभाग के भोपाल कार्यालय में डायरेक्टर को रिपोर्ट करती है। देर शाम तक आयकर की छापेमारी को लेकर जानकारी अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं की थी।