0 सिर्फ सब्जी ही नहीं दूध उत्पादन का भी बड़ा केंद्र बना सिलफिली

0 पिलखा क्षीर के ब्रांड नेम से दूध व दूध से बनी सामग्रियां पहुंचेगी बाजार

0 19 सितंबर को सिलफिली में मुख्यमंत्री करेंगे प्लांट का उद्घाटन

0 दूध की खरीदी शुरू, क्वालिटी बेहतर इसलिए दाम भी मिल रहा ज्यादा

नईदुनिया विशेष

अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

सब्जी उत्पादन के लिए मशहूर सिलफिली अब दुग्ध और दुग्ध से निर्मित उत्पादों का बड़ा केंद्र बनेगा। अमूल कंपनी की तर्ज पर किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सूरजपुर जिला प्रशासन द्वारा लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से सिलफिली में मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट व मिल्क कार्नर का निर्माण पूर्णता की ओर है। सिलफिली व उससे लगे इलाकों में दुग्ध उत्पादकों को दूध का बेहतर दाम उपलब्ध कराने की मंशा से आरंभ किए गए इस प्रोजेक्ट में सिलफिली के दूध व दुग्ध निर्मित उत्पादों की ब्रांडिंग भी की जाएगी। सारी तैयारी लगभग पूरी है। 19 सितंबर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह सिलफिली में पिलखा क्षीर प्लांट का विधिवत उद्घाटन करेंगे।

सरगुजा संभाग में सब्जी व फूलों की खेती के लिए सिलफिली पहले ही प्रसिद्घि पा चुका है। परंपरागत तरीके से सब्जियों की खेती दूसरे इलाकों में भी शुरू हो जाने से पहले जैसी आमदनी अब नहीं रह गई है। इस क्षेत्र में बहुसंख्यक लोगों के पास दुधारू पशु हैं। हर घर से दूध निकलता है। सिलफिली के 10 किमी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 10 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है। दुग्ध उत्पादकों के घर-घर जाकर कई लोग दूध 24 से 25 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदकर अंबिकापुर, बिश्रामपुर, सूरजपुर सहित अन्य इलाकों में बिक्री करते हैं। उत्पादित दूध के मार्केटिंग की इस व्यवस्था में दुग्ध उत्पादक किसानों को उम्मीदों के अनुरूप लाभ नहीं मिल पाता। पशुपालन विभाग की गतिविधियां क्षेत्र में संचालित होने, कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के बाद से वर्तमान समय में क्षेत्र में दूध प्रचूर उत्पादन होने और खपत में आने वाली दिक्कत के कारण वाजिब दाम भी किसानों को नहीं मिल पाता। दुग्ध उत्पादक किसानों की इसी समस्या को देखते हुए सूरजपुर कलेक्टर केसी देवसेनापति ने सिलफिली में मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट व मिल्क कार्नर की स्थापना के लिए एक करोड़ 46 लाख रुपये की मंजूरी डीएमएफ से दी थी। इस राशि से लगभग 90 लाख रुपये की मशीन स्थापित की गई है। शेष रकम अधोसंरचना विकास में खर्च किया गया है। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह 19 सितंबर को सिलफिली में पिलखा क्षीर प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसके पहले रविवार से दूध संग्रहण केंद्र में दूध का संग्रहण आरंभ कर दिया गया है। सिलफिली क्षेत्र में अब दुग्ध उत्पादकों को अधिक दर पर दूध बिक्री का साधन मिल जाएगा। रविवार को जब दुग्ध उत्पादकों ने केंद्र में आकर अपना दूध दिया तो फैट 3.6 व ऐलार 27 आया, जिससे यहां के किसानों का सामान्य दूध का दर 30.70 रुपये प्रति लीटर मिला। कुछ किसानों के दूध की बेहतर गुणवत्ता के कारण इसका सामान्य दर 35 रुपये तक मिला है। दूध का दाम अधिक मिलने से किसानों में उत्साह है। रविवार को दूध संग्रहण का कार्य देखने के लिए कलेक्टर केसी देवसेनापति भी सिलफिली पहुंचे थे। यहां से दूध पैकेजिंग कर बाजारों तक पहुंचाया जाएगा। दुग्ध निर्मित दूसरे उत्पाद भी बाजार में लाए जाएंगे। इसका फायदा यह होगा कि सिलफिली सहित आसपास के दर्जनों गांवों के किसानों को दूध बेचने परेशान नहीं होना पड़ेगा। दुग्ध उत्पादक किसानों के फेडरेशन के माध्यम से ही मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट और मिल्क कार्नर का संचालन किया जाएगा। इससे दूध उत्पादक किसानों की आय में वृद्घि होगी और दूसरे ग्रामीणजन भी दूध उत्पादन के लिए दुधारू पशु पालने प्रेरित हो सकेंगे।

मशीन की क्षमता प्रति घंटा एक हजार लीटर की

सिलफिली के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट में 90 लाख रुपये की लागत से जो अत्याधुनिक मशीन लगाई जा रही है, वह प्रति घंटे एक हजार लीटर दूध पास्चुराइज्ड कर सकती है। दूध संग्रहण के लिए पांच-पांच हजार लीटर क्षमता के दो स्टोरेज टैंक की व्यवस्था भी कर दी गई है। पैकेजिंग मशीन भी अलग से स्थापित होगी। एक लीटर व आधा लीटर की पैकिंग में सिलफिली का दूध बाजार में बिकेगा। मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट के लिए बिजली की व्यवस्था हेतु छह लाख रुपये छग राज्य विद्युत वितरण कंपनी को दे दी गई है।

रेस्टोरेंट व मिल्क कार्नर भी

सिलफिली के मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट परिसर में ही मिल्क कार्नर भी आरंभ किया जा रहा है। यहां बाहर से आने वाले लोगों के लिए लकड़ी के पगोड़े बनाए गए हैं। यहां बैठकर लोग दूध के साथ मट्ठा, छांछ जैसे दूसरे दुग्ध निर्मित उत्पादों का स्वाद भी चख सकेंगे। यहां से दूध ही नहीं बल्कि घी, पनीर आदि भी पिलखा क्षीर ब्रांड नेम से बिकेगा। यहां रेस्टोरेंट की भी शुरूआत की जा रही है। सारी व्यवस्था पूरी की जा चुकी है। सिलफिली क्षेत्र के किसान इस सौगात से बेहद उत्साहित हैं। यह सारी व्यवस्था हो जाने के बाद सिलफिली क्षेत्र के बहुसंख्यक किसानों को आय अर्जित करने का बेहतर माध्यम मिल जाएगा।

दूध उत्पादन को बढ़ावा देने हुई पहल

सिलफिली क्षेत्र में वर्तमान में दूध का बेहतर उत्पादन है। इसे और बढ़ावा देने के लिए डेयरी उद्यमिता योजना के तहत किसानों को जोड़ा जा रहा है। दो लाख से 12 लाख तक की इस योजना में अजा व अजजा वर्ग के किसानों को 67 प्रतिशत तथा सामान्य व पिछड़ा वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। इस योजना के तहत सूरजपुर कलेक्टर ने सिर्फ गीर व साहिवाल नस्ल के गायों को ही किसानों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इन दोनों नस्लों के गायों के दूध की क्वालिटी सबसे बेहतर होती है। सिलफिली क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़कर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है।

दंतेवाड़ा में सफल हुई है योजना

वर्तमान सूरजपुर कलेक्टर केसी देवसेनापति जब दंतेवाड़ा के कलेक्टर थे तो उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय और अधिक बढ़ाने क्षीर सागर परियोजना लागू की थी। उक्त योजना पूरी तरह से सफल रही थी। पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ ही दुग्ध उत्पादन कर किसानों की आर्थिक समृद्घि की दिशा में आशातीत सफलता मिलने के बाद सूरजपुर कलेक्टर का पदभार ग्रहण करते ही सिलफिली क्षेत्र को भी उन्होंने वैसी ही परियोजना से जोड़ने इस योजना को आरंभ कराया था।