कांकेर। नईदुनिया प्रतिनिधि

नरहरदेव स्कूल मैदान के पास पहाड़ी में नगर पालिका ने कई वर्ष पहले पुष्पा वाटिका बनाई थी। देखरेख के अभाव में पुष्प वाटिका पुरी तरह से उजाड़ हो गई थी। इसका फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने पुष्प वाटिका के लिए आबंटित शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर मकान बना लिया है। हालांकि कुछ माह पहले नगर पालिका और जिला प्रशासन की टीम पुष्प वाटिका में हो रहे अतिक्रमण पर कार्रवाई करने के लिए पहुंची थी, लेकिन बारिश के मौसम को देखते हुए कार्रवाई बारिश तक स्थगित कर दी गई थी। बारिश के बाद कार्रवाई की बात कही गई थी। अब मानसून बीत जाने के बाद भी नगर पालिका ने इसकी सुध नहीं ली। जिसके चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद है और पुष्प वाटिका में अतिक्रमण कर नए मकान बनाए जा रहे हैं और नगरपालिका ने चुप्पी साध रखी है।

शासकीय नरहरदेव स्कूल के पास स्थित पहाड़ी के कुछ हिस्सा नगर पालिका के पुष्प वाटिका के लिए आरक्षित है। पहाड़ी पर पिछले लंबे समय से अतिक्रमण जारी है और पहाड़ी के ऊपर ही अवैध अतिक्रमण पचास से अधिक मकान बनाए जा चुके हैं। पहाड़ी पर अतिक्रमण के बाद पुष्प वाटिका के लिए आरक्षित भूमि पर भी अतिक्रमण किया जा रहा था और अतिक्रमण कर कई मकान का निर्माण कर दिया गया था।

पुष्प वाटिका में अतिक्रमण की सूचना मिलने पर नगरपालिका ने कब्जाधारियों को जुलाई 2018 में नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाए जाने के निर्देश दिया था। नोटिस के बाद अतिक्रमण न हटाए जाने से कार्रवाई के लिए नगरपालिका व प्रशासनिक अमला अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी। बारिश का मौसम होने के कारण मानवता के दृष्टिकोण से बारिश के मौसम के बाद कार्रवाई की बात कही गई थी। बारिश के मौसम बीत जाने के बाद नगर पालिका ने कार्रवाई में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके चलते पुष्पवाटिका में अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है और अतिक्रमणकारी बेखौफ अतिक्रमण करते जा रहे हैं।

झूले भी हुए चोरी

पुष्प वाटिका में नगर पालिका के द्वारा बच्चों के लिए कई प्रकार के झुले लगाए गए थे। लेकिन अब झूलों के केवल अवशेष ही बचे हुए हैं। नगरपालिका के द्वारा लगाए गए झूलों को असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ फोड़ किया गया। वहीं चोरों ने लोहे के उपकरणों को धीरे-धीरे चोरी कर कबाड़ में बचे दिया। जिनके खिलाफ भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों को दिया शासकीय योजना का लाभ

नगर पालिका की पुष्प वाटिका में अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों में नगर पालिका ने ही शासकीय योजना के तहत इन अवैध कब्जाधारियों को मकानों में शौचालय बनाने के लिए प्रोत्साहन राशि भी जारी कर दी थी। अतिक्रमणकारियों को शासकीय योजना के तहत नगर पालिका के माध्यम से शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि मिलने के बाद अतिक्रमणकारियों ने यहां शौचालय का निर्माण भी कर लिया है।