कांकेर। नईदुनिया प्रतिनिधि

प्रेशर हार्न के प्रयोग पर पाबंदी के बाद भी धड़ल्ले से कई वाहनों में इसका प्रयोग किया जा रहा है। जिसे देखते हुए शहर में यातायात पुलिस व पर्यावरण विभाग की टीम द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों की जांच की और प्रेशर हार्न लगकर चलने वाले 19 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की।

शुक्रवार शाम गढ़पिछवाड़ी मोड़ के पास यातायात पुलिस व पर्यावरण की संयुक्त टीम के द्वारा प्रेशर हॉर्न वाली ट्रक, बस व अन्य वाहनों की जांच के लिए शिविर लगाया गया। इस दौरान मार्ग से गुजर रहे वाहनो को रोककर उनमें लगे हार्न की जांच की गई। जिसमें प्रेशर हार्न मिलने पर उन्हें हटाने की कार्रवाई के साथ चालानी कार्रवाई भी की गई। यातायात प्रभारी केआर रावत ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार ही अपने वाहनो पर हार्न लगवाएं जाने चाहिए। कुछ शरारती किस्म के युवक अपने वाहनों के साइलेंसर में ऐसे हार्न लगवा लेते हैं जिनसे पटाखे जैसी आवाज आती है। लोग अचानक हुई आवाज से डर जाता है। ऐसे हॉर्न से कोई भी हादसा हो सकता हैं। यदि किसी वाहन पर इस प्रकार के हार्न लगे पाए गए तो उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आज 19 वाहनों पर कार्यवाही कर 3800 रुपये समन शुल्क वसूल किया गया। कार्रवाई के दौरान पर्यावरण विभाग के सहायक अभियंता प्रवीण नाग, खोमेंद्र कुमार, विनोद निषाद व यातायात प्रभारी केआर रावत, रमेश भास्कर, क्लेश कुमार, श्याम, गेंदलाल आदि मौजूद थे।