बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

लोकसभा चुनाव का दौर है। छत्तीसगढ़ के बस्तर समेत अन्य राज्यों की चुनिंदा सीटों पर मतदान हो चुका है। फिर भी आम चुनाव का रंग फीका है। शहर से लेकर गांव में कहीं भी चुनावी माहौल नजर नहीं आ रहा है। दरअसल फटाफट क्रिकेट के चौके-छक्के ने चुनावी माहौल को स्टेडियम से ही बाहर कर दिया है। युवाओं के अलावा सभी उम्र के क्रिकेट प्रेमी प्रत्याशी या पार्टी की बजाय आइपीएल के नतीजे पर चर्चा कर रहे हैं। क्रिकेट प्रेमी मैच शुरू होने के आधे घंटे पहले घर पहुंच जाते हैं। इसके बाद रात 11.30 बजे स्क्रीन से चिपके रहते हैं।

गेंद व बल्ले का यह खेल आज सबसे लोकप्रिय है। बचपन से लेकर पचपन तक क्रिकेट का दीवाना है। बाद यदि फटाफट क्रिकेट हो तो दीवानगी और बढ़ जाती है। 23 मार्च से आइपीएल का रोमांच जारी है। आठ टीमों के इस घमासान में हर दिन रोमांचक मैच देखने को मिल रहे हैं। लोग मैच का एक भी गेंद मिस नहीं करना चाहते हैं। क्रिकेट के इस रोमांच ने चुनाव पर जबरदस्त प्रभाव डाला है। यह हम नहीं, बल्कि शहर का क्रिकेटमयी माहौल कहता है। आफिस हो या घर की चारदीवारी भीतर क्रिकेट का शोर सुनाई देता है। ग्रामीण क्षेत्रों का माहौल यह है कि रात आठ बजे से पहले ही सन्नाटा पसर जाता है। शहर की स्थिति भी कुछ इसी तरह है। चुनावी चर्चाओं का सबसे बड़ा केंद्र चाय, होटल व पान की दुकान है। यहां मैच के दौरान गिने-चूने लोग ही नजर आते हैं। शहर की एक प्रसिद्ध पान दुकानों में शाम छह से सात बजे तक भारी भीड़ रहती है। यह भीड़ उन ग्राहकों की रहती है जो पान- गुटखा के शौकिन हैं। वे पहले ही अपना स्टाक रख लेता हैं, ताकि मैच के बीच उठकर न जाना पड़े। व्यवसायी भी चार घंटे की कमजोर ग्राहकी को महसूस कर रहे हैं। चुनावी मैदान पर उतरे प्रत्याशी भले ही समर्थकों की संख्या कम होने की बात स्वीकार न करें। लेकिन हकीकत यह है कि गिने चुने समर्थक ही उनके साथ दिखते हैं। चुनाव के साथ क्रिकेट पर खास रुचि रखने वाले क्रिकेट को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके चलते चुनाव प्रचार पर असर पड़ रहा है। 23 अप्रैल को मतदान है। इस तारीख तक माहौल इसी तरह रहेगा। क्योंकि अभी मैचों का सिलसिला जारी है। इसके बाद सेमीफाइलन और फाइनल का रोमांच शुरू हो जाएगा।

तेज धूप व गर्मी ने भी डाला असर

मतदाताओं तक पहुंचकर प्रचार और उनसे वोट की अपील करने के लिए उम्मीदवार खूब पसीना बहा रहे हैं। सुबह निकलने के बाद देर रात तक घर वापसी होती है। इस दौरान उन्हें समर्थकों की कम संख्या से जूझना पड़ रहा है। रात में क्रिकेट की खुमारी है तो दोपहर में तेज धूप व गर्मी के कारण घर से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं।

शनिवार व रविवार को ज्यादा प्रभाव

शनिवार व रविवार का माहौल पूरी तरह क्रिकेटमय रहता है। दोनों दिन आइपीएल के दो- दो मैच खेले जाते हैं। पहला मैच शाम चार बजे से लगभग शाम 7.30 बजे तक और आधे घंटे गेप के बाद रात आठ बजे से दूसरा मैच शुरू हो जाता है। यह रात 11.30 बजे समाप्त होता है। यह अवकाश का दिन होता है। इसके बाद भी लोग क्रिकेट के रोमांच में इतने बंध जाते हैं कि घर से बाहर तक नहीं निकलते हैं। दोस्त, परिचितों से मुलाकात नहीं होने से चुनावी चर्चा तो दूर निजी मुद्दों पर भी बात नहीं हो पाती है।