रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में पीलिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर रामनगर इलाके के कृष्णा नगर गली नंबर छह में रहने वाले 40 वर्षीय दिनेश साहू की सोमवार को पीलिया से मौत हो गई। बताया जाता है कि छह महीने पहले ही इसी बीमारी के कारण मृतक के सगे भाई विशाल की भी मौत हो गई थी। मौत की सूचना पर नगर निगम के जोन कमिश्नर राकेश गुप्ता व नगर निगम के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की।

जोन कमिश्नर का कहना है कि इलाके में पेयजल में प्रदूषण जैसी कोई समस्या नहीं है। अधिकारियों ने दावा किया है कि दिनेश साहू की मौत गंदे पानी की वजह से नहीं हुई है। हालांकि यह अब जांच का विषय है, लेकिन मृतक काफी दिनों से आंबेडकर अस्पताल में भर्ती था। बताया जाता है कि दिनेश साहू अल्कोहलिक लीवर इंफेक्शन भी हो चुका था। यही कारण से पीलिया की चपेट में अधिकारियों का दावा है कि इलाके में साफ पानी आ रहा है।

मोहल्ले वालों ने कहा कि खोदाई के कारण आ रहा गंदा पानी

हालांकि इस इलाके में मोहल्ले वालों का कहना है कि भारत माता चौक के आसपास खोदाई का काम चल रहा है, जिसके कारण गंदा पानी आ रहा है। बता दें कि इसी इलाके में कुछ दिन पहले फाफाडीह के साहूपारा में 50 लोगों में पीलिया के लक्षण पाए गए थे। नगर निगम ने शिविर लगाकर सैंपल लिया था तो करीब 18 लोगों में पीलिया होने की पुष्टि हुई थी। यहां रिपोर्ट में भी आया था कि इलाके में पीलिया फैलने की शिकायत मिलते ही निगम मुख्यालय के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था।

छह महीने पहले यहां हुई थी मौत

छह महीने पहले अप्रैल-मई 2018 में पंडरी, रामसागरपारा और मोवा में पीलिया फैला था। उस समय गंदे पानी की सप्लाई से करीब 150 लोग पीड़ित थे। इसमें छह लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। पिछले एक साल के भीतर शहर के नहर पारा, पांडेय पारा, महर्षि वाल्मीकि वार्ड, अनुराग नगर, दुर्गा नगर, लोधीपारा बस्ती, नया जिला अस्पताल पंडरी के आसपास की बस्ती समेत बैजनाथपारा, पुलिस लाइन स्थित जिला अस्पताल के सामने वाली बस्ती, संतोषी नगर और नेहरू नगर से मरीज सामने आ चुके हैं।

सालों से पाइप लाइन नहीं बदली

शहर के ज्यादातर इलाकों में सालों से पाइपलाइन नहीं बदली गई है। लिहाजा लोगों को लोगों को आए दिन गंदे पानी से शिकार होना पड़ता है। जिन जगहों पर मटमैला पानी आता है, वहां अक्सर पीलिया फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं नगर निगम के अफसरों को भी कई बार अवगत कराने के बावजूद पाइप लाइन नहीं बदली जा रही है।

गंदे पानी और पीलिया पर 22 जनवरी को कोर्ट में पेशी

इधर बिलासपुर और दुर्ग नगर निगम के कमिश्नरों को 22 जनवरी को हाईकोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने तीन अधिवक्ताओं को न्याय मित्र नियुक्त किया था। तीनों शहरों में उन्होंने अलग-अलग निरीक्षण किए थे, इस दौरान प्रभावित इलाकों का जायजा लिया गया। पानी सप्लाई करने वाली पाइन लाइन का देखा गया। तीनों ने रिपोर्ट प्रस्तुत कर समस्या दूर करने कई सुझाव दिए थे, लेकिन इन पर उचित ढंग से अमल नहीं हो सका है।

कृष्णा नगर में पीड़ित को अल्कोहलिक लीवर इंफेक्शन होने की खबर आई है। इसमें जांच करने पर पीलिया बताता है। मौके की जांच करवा रहे हैं। इलाके में पानी साफ आ रहा है। - रजत बंसल, कमिश्नर, नगर निगम।