जगदलपुर। बस्तर जिले के 30 से अधिक प्रायमरी और मिडिल स्कूल आज भी शिक्षक विहीन हैं। शिक्षा सत्र के ढ़ाई माह बीतने के बाद भी इन स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की जा सकी है जिसके कारण यहां अभी तक पढ़ाई भी शुरू नहीं हो पाई है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान को ढेंगा दिखाते इन स्कूलों में शिक्षक नहीं होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रायमरी स्कूल के लिए सहायक शिक्षक की भर्ती नहीं होने से शिक्षकों की काफी कमी हो गई है। जब तक नई भर्तियां नहीं होगी वे कुछ नहीं कर सकते। शिक्षा के मामले में जिले के पिछड़े ब्लाक बास्तानार में छह प्रायमरी और पांच मिडिल स्कूल शिक्षक विहीन हैं।

मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य बोमड़ाराम के नेतृत्व में यहां के बच्चों के अभिभावकों से कलेक्टोरेट और जिला पंचायत पहुंचकर अधिकारियों को शिक्षक विहीन स्कूलों की दयनीय दशा से अवगत कराया।

ग्रामीणों ने कहा कि एक सप्ताह में यदि शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की गई तो वे लोग बच्चों के साथ सड़क पर आकर चक्का जाम करने को विवश होंगे। इधर खंड शिक्षा अधिकारी शेख रफीक ने शिक्षक विहीन स्कूलों की चर्चा करते हुए बताया कि तुरांगुर पंचायत में प्राथमिक शाला डोंगरीपारा में एक ही शिक्षिका पदस्थ है।

शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षिका रोज अपने स्कूल के बच्चों को लेकर तीन किलोमीटर दूर इसी पंचायत के प्रायमरी स्कूल पीरमेटा में पढ़ाने लेकर जाती है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षकों की पदस्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

किन स्कूलों में नहीं है शिक्षक

01 प्राथमिक शाला चालानपारादर्ज संख्या 31

02 प्राथमिक शाला करकापारा-दर्ज संख्या 20

03 प्राथमिक शाला तितरीदर्ज संख्या 21

04 प्राथमिक शाला कोलेंगपारादर्ज संख्या शून्य

05 प्राथमिक शाला पटेलपारा काकलूरदर्ज संख्या 23

06 प्राथमिक शाला जंगलपारा तितरीदर्ज संख्या 25

07 मिडिल स्कूल गायतापार इरपादर्ज संख्या 02

08 मिडिल स्कूल बुरगुमदर्ज संख्या 05

09 मिडिल स्कूल सांवगेल दर्ज संख्या 17

10 मिडिल स्कूल बड़े काकलूर दर्ज संख्या 21

11 मिडिल स्कूल सुक्कोपारा बास्तानारदर्ज संख्या 13

प्रमोशन के बाद बिगड़ी स्थिति

खंड शिक्षा अधिकारी शेख रफीक ने नईदुनिया से चर्चा में बताया कि सहायक शिक्षक पंचायत से शिक्षक पंचायत के पद पर प्रमोशन के बाद प्रायमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी हुई है। उच्चाधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। जनपद पंचायत शिक्षा समिति की बैठक में शिक्षकों की पदस्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत करने की तैयारी है।

ठीक नहीं है व्यवस्था

जिला पंचायत सदस्य बोमड़ाराम का कहना है कि आज इसी साल शिक्षकों की कमी बास्तानार ब्लाक में हुई है। ऐसा नहीं है। हर साल यही हाल रहता है। अधिकारियों का ध्यान शिक्षण व्यवस्था ठीक करने में नहीं रहता है जिसका खामियाजा बच्चे भुगतते हैं।

अब चक्काजाम करके ही शासन का ध्यान आकृषित किया जा सकता है। एक स्कूल प्राथमिक शाला कोलेंगे में वहां का कोई भी बच्चा सिर्फ इसलिए दाखिला नहीं लेता है क्योंकि शिक्षक नहीं है। दूसरी ओर एक शिक्षिका बच्चों को लेकर तीन किलोमीटर दूर पढ़ाई कराने लेकर जाने को विवश है। यह अंधेर नहीं तो क्या है?