जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी जनता के बीच ले जाने से पहले सत्ताधारी दल भाजपा विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं की पसंद का प्रत्याशी तय करने अपने ही पार्टी पदाधिकारियों के बीच जाएगी। प्रत्याशी पर पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की राय जानने रविवार को पूरे प्रदेश में एक साथ जिला भाजपा कार्यालयों में मतदान होगा। इसके लिए प्रदेश भाजपा से नियुक्त पर्यवेक्षक हर जिले में पहुंच रहे हैं। बताया जाता है कि मतदाताओं को हर विधानसभा क्षेत्र के लिए तीन दावेदारों के नाम वाली पर्ची दी जाएगी। भाजपा पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता अपनी पसंद के प्रत्याशी के नाम के आगे निशान लगाएगा। कहा जा रहाह है कि यदि तीन नामों जो सामने किए जाएंगे उसमें यदि कोई भी पसंद नहीं है तो उस स्थिति में मतदाता अपनी पसंद का नाम लिख सकेगा। वोट डालने का अधिकार जिला कार्यकारिणी के सदस्यों, मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्षों, मंडल के पदाधिाकारियों, विधायक, सांसद, पूर्व विधायक और सांसद, जिला पंचायत सदस्य, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षद, नगरीय निकाय के पार्टी के जनप्रतिनिधि, शक्ति केन्द्र प्रभारी एवं संयोजक आदि को मिलाकर एक विधानसभा क्षेत्र में करीब सौ वोटर होंगे। बस्तर जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदान के जरिए प्रत्याशियों के नाम पर राय जानने मतदान भाजपा जिला कार्यालय में होगा। बताया जाता है कि मतगणना यहां नहीं होगी। पर्यवेक्षक मतपेटी लेकर रायपुर जाएंगे। वहां पार्टी कार्यालय में पेटियां जमा करा दी जाएंगी।

कहने को न बचे की पूछा नहीं

मतदान के जरिए प्रत्याशी का नाम तय करने की नीति पहली बार भाजपा अपना रही है। लगातार चौथी बार सरकार बनाने के लिए तैयारी में जुटी भाजपा ने पहली बार मतदान के माध्यम से पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की प्रत्याशी को लेकर राय जानने मतदान करा रही है। इसके पीछे जो वजह बताई जा रही है उसके अनुसार प्रत्याशी चयन के बाद किसी को यह कहने का मौका न मिले कि प्रत्याशी कार्यकर्र्ताओं की पसंद का नहीं है।

कुर्सी के लिए झगड़ने की फोटो वायरल

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व सीएम डा रमन सिंह के प्रवास के दौरान लालबाग मैदान में कुर्सी के लिए भाजपा के कुछ बड़े नेता झगड़ पड़े। इनमें दक्षिण बस्तर के एक भाजपा जिलाध्यक्ष भी थे। इन्हें शांत कराने पार्टी के नेताओं को बीच-बचाव करना पड़ा। जगदलपुर विधायक संतोष बाफना व पूर्व महापौर किरण देव की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। इसकी चर्चा भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तो होती ही रही, दोपहर बाद सोशल मीडिया में इसे तस्वीर के साथ भी पोस्ट कर दिया गया।