जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

महारानी अस्पताल के आपात चिकित्सा केन्द्र में आए परेशान मरीजों को यहां बैठे डॉक्टर एमरजेंसी केश नही है, कह कर लौटा रहे हैं, इसलिए लोगों में नाराजगी है। शनिवार को भी सिर दर्द परेशान कुछ लोग इलाज कराने आपात चिकित्सा केन्द्र गए थे, लेकिन यहां डॉक्टरों से इन्हें भी सोमवार को ओपीडी आने की बात कह कर लौटा दिया। इस संदर्भ में पहले भी अस्पताल अधीक्षक से शिकायत हो चुकी है लेकिन आपात चिकित्सा केन्द्र में बैठने वाले डॉक्टर्स मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

महारानी अस्पताल का ओपीडी सुबह आठ बजे खुलता है और दोपहर एक बजे के बाद बंद हो जाता है। लोगों की सुविधा के लिए महारानी अस्पताल के पुराने भवन में आपात चिकित्सा केन्द्र की व्यवस्था की गई है। यहां दोपहर दो बजे से अगले दिन सुबह आठ बजे तक लोगों का इलाज किया जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां आने वाले कई मरीजों एमरजेंसी केश नहीं कह कर ओपीडी में जाने को कह लौटाया जा रहा है। इस संबंध में दो दिसंबर को अस्पताल अधीक्षक डॉ संजय प्रसाद से शिकायत की थी। इस पर अधीक्षक ने आपात चिकित्सा केन्द्र में आने वाले हर परेशान मरीज का इलाज करने की हिदायत डॉक्टरों को दी थी, लेकिन यहां तैनात डॉक्टर्स अपनी मनमानी नही छोड़ रहे हैं। शनिवार को दोपहर पौने तीन बजे नईदुनिया का यह संवाददाता तथा सिर दर्द से हलाकान कुछ और लोग आपात चिकित्सा केन्द्र पहुंचे थे लेकिन यहां डयूटी पर मौजूद दोनों डॉक्टरों ने इलाज करना तो दूर, यह कहते हुए पर्ची बनाने से मना कर दिया कि कैसा भी सिर दर्द हो आप लोगों को ओपीडी में जाना चाहिए और वहां सं लौटा दिया, इसलिए लोग सीधे मेडिकल स्टोर्स जाकर तथा दवा लेकर घर लौट गए। इस संबंध में बताया गया कि शाम को ओपीडी नहीं खुलेगी और रविवार को ओपीडी बंद रहती है, इसलिए आपात चिकित्सालय में आए थे, परन्तु यहां के स्टाफ से मरीजो को राहत मिलने के बदले उपेक्षा मिल रही है। ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।

---