जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

गैर मानसून काल में इंद्रावती नदी का जल बांटने ओडिशा में इंद्रावती-जोरा नाला संगम में कंट्रोल स्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के अंतर्गत किए गए निर्माण कार्यो के मेंटेनेंस से ओडिशा भाग रहा है। प्रोजेक्ट के तहत इंद्रावती नदी और जोरा नाला में दो पक्के स्ट्रक्चर के अलावा तटबंधों की पिचिंग और जोरा नाला के एक हिस्से को अलग कर चैनल बनाकर बंड बनाते हुए चैनल का निर्माण आदि कार्य किया गया है। साल 2017 में मानसून सीजन में हुई बारिश से जोरा नाला में निर्मित मिट्टी का एक बंड टूट गया था और दूसरे में दरार आ गई थी। इसके अलावा, तटबंध की पिचिंग भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हुई है। पिछले दो साल से जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन की ओर से ओडिशा को पत्र लिखकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के लिए कहा जा रहा है पर ओडिशा द्वारा मेंटेनेंस करना तो दूर अभी तक पत्र का जवाब भी नहीं दिया गया है। गुरूवार को जल संसाधन विभाग छग शासन के प्रमुख अभियंता जयंत पवार, मुख्य अभियंता केएस ध्रुव, अधीक्षण यंत्री इंद्रावती परियोजना मंडल शेख शाकिर, कार्यपालन अभियंता पीके राजपूत की टीम ने ओडिशा जाकर कंट्रोल स्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का अवलोकन किया जिसमें अधिकारियों की टीम उन स्थानों में भी गई जहां कई निर्माण कार्य क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इंद्रावती के लिए नया खतरा बरकरार

इंद्रावती-जोरा नाला संगम में निर्मित कंट्रोल स्ट्रक्चर के सौ मीटर नीचे इंद्रावती नदी और जोरा नाला दोनों के तटबंध में कटाव हो रहा है। वर्तमान में कटाव के कारण इनके बीच की दूरी सौ मीटर से भी कम बची है। इस समस्या से निपटने जोरा नाला के घुमावदार हिस्से को अलग करते हुए करीब 20 मीटर चौड़ा और 40 मीटर लंबा चैनल बनाकर जोरा के दोनों हिस्सों को जोड़ा गया है ताकि पानी चैनल के जरिए होकर आगे बह जाए। जहां से चैनल का निर्माण किया गया है वहां दोनों छोर में मिट्टी का बंड बनाया गया है। इन्हीं से एक बंड आधा से अधिक टूट गया है जबकि दूसरा क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके कारण मानसून सीजन में बारिश में जोरा नाला के दोबारा पुराने स्वरूप में बहने की संभावना बढ़ गई है। ऐसा होने पर एक बार फिर कटाव की समस्या खड़ी हो सकती है तो इंद्रावती नदी के भविष्य के लिए खतरा पैदा कर सकती है। इसी संभावना को देखते हुए ओडिशा शासन से मेंटेनेंस करने की गुहार लगाई जा रही है।

मेंटेनेंस का पैसा देने छग सरकार राजी

कंट्रोल स्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के अंतर्गत सभी निर्माण कार्य बस्तर सीमा से पांच किलोमीटर दूर ओडिशा में किए गए हैं। सभी निर्माण कार्यो के लिए करीब 46 करोड़ 56 लाख रूपये छग शासन ने दिए हैं। मेंटेनेंस का पैसा भी छग देने को राजी है। ओडिशा से मेंटेनेंस के लिए राशि का आंकलन करने का भी अनुरोध किया गया है पर ओडिशा से न तो राशि का आंकलन किया गया है न ही मेंटेनेंस के सवाल का कोई जवाब दिया जा रहा है।

'कंट्रोल स्ट्रक्चर प्रोजेक्ट अंतर्गत निर्मित निर्माण कार्यो के मेंटनेंश के लिए ओडिशा को पिछले दो सालों में कई पत्र लिखे जा चुके हैं। अभी तक वहां को कोई जवाब नहीं मिला है। दो दिन पहले विभाग के उच्चाधिकारियों ने निरीक्षण कर पूरी स्थिति का अवलोकन किया है।'

-शेख शाकिर, अधीक्षण यंत्री, इंद्रावती परियोजना मंडल