जगदलपुर। नईदुनिया न्यूज

आबकारी विभाग द्वारा संचालित शासकीय शराब की दुकानों में नियत दर से अधिक दर पर बिक्री, सेल्समेनों की बदजुबानी के साथ ही अतिरिक्त राशि लेकर अवैध शराब विक्रेताओं को शराब की बड़ी खेप नियमों को ताक में रखकर उपलब्ध कराने की शिकायतें लंबे समय से चली आ रही है पर विभागीय अधिकारियों के संरक्षण की वजह से बड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बोधघाट पुलिस ने गुरुवार को सरकारी शराब की दुकान से एक साथ 70 नग पौव्वा लेकर गांव की ओर जा रहे अवैध शराब विक्रेता को गिरफ्तार कर कार्रवाई की साथ ही आबकारी विभाग को भी पत्र प्रेषित कर उनके संज्ञान में यह मामला लाते हुए सवाल पूछा कि सरकारी दुकानों से कैसे निकल रही है शराब की इतनी बड़ी खेप। गौरतलब है कि बस्तर में आबकारी विभाग पर शराब के अवैध विक्रय को प्रोत्साहन देने के आरोप ठेकेदारी प्रथा के समय से लगते आए हैं और कार्रवाई भी आबकारी विभाग की तुलना में पुलिस द्वारा उस दौर में भी ज्यादा की गई थी।

अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने 2 मामलों में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी बोधघाट भावेश कुमार समरथ, एएसआई जेआर बघेल की टीम द्वारा ? प्रकरण में 25 नग एवं 70 नग अंग्रेी शराब बरामद की धारा 34 (1) 34 (2) आबकारी अधिनियम में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को मानत मुचलके एवं न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। मामले की जानकारी देते हुए प्रशिक्षु डीएसपी भावेश समरथ ने बताया कि लोहंडीगुड़ा क्षेत्र के ग्राम नेगनार निवासी मासो (27) अपने साथ लाए काले रंग के दो बैग में सरकारी शराब की दुकान से 70 नग पौव्वा शराब लेकर गांव जाने के लिए निकले कि तभी मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग शराब का अवैध परिवहन कर रहे हैं। बताए गए हुलिया के आधार पर पुलिस ने आरोपी को शराब दुकान से महज कुछ ही दूरी पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब बैग की चेकिंग की तो उनके पास से भारी मात्रा में शराब बरामद हुआ। वहीं दूसरे मामले में एक आरोपी माड़िया चौक से पकड़ा गया। पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर बोधघाट थाने आ गई और कार्यवाही करते हुए मामला भी पंजीबद्ध किया।

'अंग्रजी शराब की दुकानों से शराब की इतनी बड़ी खेप कैसे दी जा रही है। इस बाबत आबकारी विभाग से जांच के लिए कहा जाएगा।'

-चंद्रशेखर परमा, डीएसपी

'शराब की दुकान से एक व्यक्ति को शासन द्वारा नियत मात्रा में ही शराब देने की अनुमति है। पुलिस द्वारा मामला उनके संज्ञान में नहीं लाया गया है कोई पत्र आता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।'

-अमर सिंह बरिहा, जिला आबकारी अधिकारी।