जगदलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

किरंदुल-कोत्तावालसा रेलमार्ग में ट्रेन चलाने वाले ड्रायवरों ने लगातार 10 से 12 घंटे काम लेने का विरोध किया है। ड्रायवरों का कहना है कि केके रेललाइन का बस्तर में काफी बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित है और यहां काम करने के दौरान लगातार मन में भय रहता है। अनहोनी की आशंका से भयग्रस्त होकर ट्रेन का परिचालन करने की चुनौती होती है। यहां कई ऐसे मौके आते हैं जब दस-दस, बारह-बारह घंटे लगातार ड्यूटी करना पड़ता है। ड्रायवरों ने निर्धारित समय अवधि तक की काम लेने की मांग सहित अन्य आधा दर्जन मांगों को लेकर शुक्रवार को बचेली क्रू कंट्रोलर दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन के बैनर तले आधा घंटा प्रदर्शन करने के बाद असिस्टेंट डिवीजनल इलेक्ट्रिक इंजीनियर के नाम ज्ञापन सौंपा। ट्रेन ड्रायवरों ने प्रदर्शन के दौरान अनौपचारिक चर्चा में ड्यूटी को लेकर अपनी परेशानियां गिनाई और कहा कि उनकी ड्यूटी बेहद संवेदनशील होती है।