जगदलपुर। नईदुनिया न्यूज

विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर शुक्रवार को आयुष केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तितिरगांव द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एवं निशुल्क जांच चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। डॉ प्रेम कुमारी मिश्रा आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि भाग दौड़ भरी जिंदगी एवं अनियमित दिनचर्या खान-पान के कारण हाइपरटेंशन, हदय रोग, मधुमेह, मोटापा आदि रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। डॉ मिश्रा ने कहा कि जीवन शैली में बदलाव के लिए गंभीर चेतावनी है हाइपरटेंशन। हाइपरटेंशन एक मेडिकल टर्म है जो कि हाइ ब्लड प्रेशर के लिए उपयोग किया जाता है हाइपरटेंशन एक ऐसी अवस्था है जिसमें ब्लड प्रेशर लम्बे समय तक बढ़ा पाया जाता है। बताया गया कि आयुर्वेद में उच्च रक्तचाप त्रिदोष की विकृति से उत्पन्न होता है इसमें विशेष रूप से वात पित्त की विकृति होती है ओर यह वात रोग के अन्तर्गत आता है।

रोग का प्रसार

उच्च रक्तचाप के कारणों को बताते हुए कहा कि अधिक मात्रा में नमक युक्त भोजन का सेवन प्रमुख कारण है। वंशानुगत, अनिद्रा, बीमारियां जैसे हदय रोग, किडनी रोग के साथ कफ सीरप स्टेराइड, पेपिटिक अल्सर की औषधियों का अधिक सेवन, अनियमित दिनचर्या, शराब, सिगरेट, तंबाखू का सेवन इसके कारण हैं। आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते हैं।

इनके लिए घातक हाइपरटेंशन

मोटापा, उच्च रक्तचाप वाले माता पिता के बच्चे, 45 वर्ष आयु वर्ग मधुमेह रोगी, शारीरिक रूप से निष्क्रिय धूम्रपान शराब का सेवन करने वालों में जोखिम हो सकता है। बचाव के लिए्रभोजन में नमक की मात्रा कम करना चाहिए। ताजे फल एवं हरी सब्जियों का सेवन, प्रतिदिन सुबह पैदल चलना, योगाभ्यास करना, आहार में नियमित रूप से लहसून और प्याज का उपयोग करना चाहिए। शिविर में जांच कर औषधियां वितरित की गई। शिविर में डॉ राकेश भार्गव, डॉ लववा राम भास्कर ने सेवाएं प्रदान की।्रलैखन धुव, अनन्त मौर्य, सुरेन्द्र, प्रेम सिंह ठाकुर, नीलम ठाकुर, माधुरी ठाकुर, सोनमती साहू, मीना ठाकुर व हेमलता ठाकुर का सहयोग रहा।