रायपुर। छत्तीगसढ़ में विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा अब निगम-मंडल अध्यक्षों का परफार्मेंस परख रही है। प्रदेश के एक दर्जन निगम-मंडल अध्यक्ष टिकट की दौड़ में है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे से पहले प्रदेश संगठन ने एक रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में कुछ निगम-मंडल अध्यक्षों का टिकट काट दिया गया था। इस चुनाव में उन नेताओं की एक बार फिर दावेदारी सामने आ रही है।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो निगम-मंडल के कामकाज, जनता के बीच उपस्थिति और आयोग के माध्यम से संबंधित लोगों के हितों के लिए किये गये काम के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रदेश संगठन ने इसकी जिम्मेदारी प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय को सौंपी है। साय ने प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार भी कर ली है, जिसे 22 अगस्त को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सौंपी जाएगी।

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामजी भारती, ओबीसी आयोग के अध्यक्ष सियाराम साहू का पिछले चुनाव में टिकट काट दिया गया था। भारती और सियाराम टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन उसके परफार्मेंस को कमजोर माना जा रहा है। युवा आयोग के अध्यक्ष कमलचंद भंजदेव भी जगदलपुर से दावेदारी कर रहे हैं।

पिछले तीन साल में उनके काम से संगठन संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष जीएस राणा को पत्थलगड़ी सहित अन्य मुद्दों को सरकार के बचाव में फेल होने का ठप्पा लग गया है।

महिला नेत्रियों का परफार्मेंस रहा दमदार

निगम-मंडल में महिला अध्यक्षों का परफार्मेंस दमदार माना जा रहा है। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे और महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पांडेय के काम को संगठन ने ठीक माना है। आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए काम और बच्चों के छुड़ाने के लिए अभियान चलाने पर दोनों नेत्रियों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना भी मिली है।

देवजी-शिवरतन क्षेत्र में सक्रिय, निगम में कमजोर

विधायक देवजी पटेल और शिवरतन शर्मा अपनी विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय थे, लेकिन निगम में कमजोर परफार्मेंस नजर आ रहा है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो दोनों नेताओं ने निगम के कामकाज को 100 फीसदी नहीं दिया। यही कारण है कि बेहतर करने की गुंजाइश बनी हुई थी। लेकिन क्षेत्र में सक्रियता के कारण संगठन बेहतर मान रहा है।