जगदलपुर । होली के एक दिन पहले कोतवाली पुलिस के कुछ जवानों ने एक ग्रामीण पर धौंस दिखाते हुए 35 देसी मुर्गे लूट लिए। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि बिक्री करने के लिए वह मुर्गों को साइकिल पर उलटा लटकाकर ले जा रहा था।

नईदुनिया में 2 मार्च को इसका प्रकाशन किया था। फिर एक अंग्रेजी दैनिक ने भी इस पर टिप्प्णी कर दी। आखिरकार रायपुर के एक एडीजी ने मामले को संज्ञान में लिया। उनके निर्देश पर एसपी डी. श्रवण ने रविवार को आरक्षक शैलेंद्र सिंह व मुरली सोनकर को सस्पेंड कर दिया है।

एक मार्च को बकावंड जनपद से एक ग्रामीण साइकिल पर 35 मुर्गे उलटा टांगकर बिक्री के लिए जगदलपुर बाजार आ रहा था। शहर की प्रवेश सीमा पर ही उसे पुलिसवालों ने पकड़ लिया। सिपाही उसे यह धमकाते हुए थाने लाए कि मुर्गों को साइकिल पर उलटा क्यों टांगा है।

कोतवाली थाने में साइकिल खड़ी कराकर उसे पूछताछ के नाम पर पुलिसकर्मी भीतर ले गए। कुछ देर बाद जब वह लौटा तो वर्दी की धौंस दिखाते हुए पुलिस वालों ने सारे मुर्गे लूटकर बिना फूटी कौड़ी दिए ग्रामीण को धमकाते हुए भगा दिया। ग्रामीण को इससे करीब 15 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था।