0 न्यायालय के आदेश पर कटघोरा पुलिस ने की कार्रवाई

कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक पटवारी ने निजी जमीन को बेच दिया। रजिस्ट्री के बाद मूल भू-स्वामी को इसकी जानकारी हुई तो उसने कटघोरा के न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद पटवारी व दो अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्ध करने का निर्देश दिया है। कटघोरा पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

कटघोरा थानांतर्गत ग्राम सुतर्रा निवासी ठंडाराम पिता महेश राम (45) की जमीन सुतर्रा-कटघोरा बाइपास मार्ग में थी। सुतर्रा के पटवारी जितेंद्र कुमार पटेल पिता लखनलाल पटेल ने ठंडाराम को अपने कार्यालय में बुलाकर बताया कि एनएच के सर्वे में उसकी जमीन नहीं आ रही है, क्योंकि उसकी जमीन काफी पीछे है। जमीन का मुआवजा लेने के लिए उन्हें पांच हिस्सों में बांटना पड़ेगा, जिसमें तीन हिस्सा ठंडाराम का जबकि दो अन्य चंद्र प्रताप कुमार पिता जमुना सिंह व चंद्रशेखर पिता जमुना सिंह का होगा। मुआवजे के तौर पर बड़ी रकम मिलने का झांसा दिखाकर पटवारी ने उसकी जमीन फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री करा ली। बाद में ठंडाराम को पता चला कि उसकी जमीन का सर्वे एनएच मार्ग के लिए नहीं हुआ है। पटवारी जितेंद्र ने चंद्रप्रताप व चंद्रशेखर के साथ मिलकर 11 लाख की जमीन को फर्जी दस्तावेज के सहारे अपने कब्जे में ले लिया था। इसकी जानकारी लगने के बाद ठंडाराम के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने पटवारी के पास जाकर इस मामले की शिकायत करते हुए जमीन की मांग की, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। ठंडाराम व उसकी मां सुनी बाई ने मिलकर इस संबंध में एक परिवार कटघोरा न्यायालय में पेश किया। न्यायाधीश ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पटवारी जितेंद्र, चंद्रशेखर व चंद्रप्रताप के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए। पुलिस कोर्ट के आदेश के बाद तीनों आरोपितों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना कर रही है।