जांजगीर-चाम्पा (डॉ. कोमल शुुक्ला)। जांजगीर-चाम्पा बसपा के हिस्से में प्रदेश की एकमात्र विधानसभा सीट है। यहां बैराज व एनीकट प्रभावितों को जमीन का मुआवजा नहीं मिलना, काम के अभाव में दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों का पलायन बड़ी समस्या है।

क्षेत्र के नगारीडीह, परसदा, भड़ोरा, कैथा सहित अन्य गांवों के दर्जनभर से अधिक मजदूरों को वर्ष 2015 में बंधक बनाया गया था। विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप से इन्हेें मुक्त कराया गया था। जैजैपुर नगर पंचायत व आसपास के गांवों मेंं पेयजल की समस्या है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर व चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। यहां का संजीवनी एक्सप्रेस व एम्बुलेंस खटारा होने के कारण मरीजों को बड़ी परेशानी होती है। शासकीय जमीन पर बड़े पैमाने पर बेजाकब्जा व नियमों को ताक पर रखकर क्रशर व पत्थर खदान के लिए लीज पर देने से विकास कार्यों के लिए भी सरकारी जमीन की कमी पड़ रही है। साथ ही चरागाह व श्मशानघाट की समस्या भी गांवों में खड़ी हो गई है।

भूगोल - यह सीट महानदी के किनारे के गांवों तक फैली है। ज्यादातर मैदानी क्षेत्र है। जांजगीर-चाम्पा, सक्ती और चंद्रपुर विधानसभा के बीच यह स्थित है। जैजैपुर और बम्हनीडीह ब्लॉक के गांव शामिल हैं।

प्रशासन - क्षेत्र में एक नगर पंचायत व ब्लॉक मुख्यालय के अलावा बम्हनीडीह ब्लॉक मुख्यालय है। बिर्रा, हसौद, दतौद बड़े गांव हैं।

आर्थिक -यहां की अर्थ व्यवस्था 80 फीसद कृषि व मजदूरी पर निर्भर है। 20 फीसद लोग व्यवसाय व शासकीय-निजी सेवाओं में हैं। नदी किनारे के गांवों में सब्जी की खेती बहुतायत में होती है।

शिक्षा - जैजैपुर के अलावा हसौद में शासकीय महाविद्यालय है। हसौद में मिनी आइटीआइ भी है। जिले का एकमात्र नवोदय विद्यालय चिस्दा में है। इस विधानसभा के चिस्दा व बिर्रा में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भी संचालित है। इसके अलावा बिर्रा में इस सत्र से शासकीय महाविद्यालय शुरू किये जाने की घोषणा बजट में की गई है।

स्वास्थ्य - क्षेत्र के जैजैपुर और बम्हनीडीह में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है, मगर दोनों जगह स्टाफ की कमी है। बड़ी बीमारियों के लिए इन्हें जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का रूख करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक व उपस्वास्थ्य भी है। इसके अलावा आयुर्वेद चिकित्सालय आधा दर्जन गांवों में हैं, मगर अधिकांश में स्टाफ की कमी है।

सड़कें - क्षेत्र में सड़कें बनी हैं। पोड़ीशंकर से बम्हनीडीह होते हुए जैजैपुर और बिर्रा हसौद होते हुए जैजैपुर तथा बाराद्वार से जैजैपुर तक जाने वाली सड़कें प्रमुख हैं। इसके अलावा गांवों तक पहुंचने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कें बनाई गई हैं।

चार साल में हुए प्रमुख कार्य

- महानदी पर बसंतपुर घाट में बैराज निर्माण

- हसौद, मुक्ता, करौवाडीह, कचंदा, चिखलरौंदा, सलनी, बावनबुड़ी और भेड़ीकोना सहित कई गांवों में एनीकट निर्माण

- सोन नदी पर ठूठी से खरवानी के बीच पुल निर्माण, बोराई नदी में करौवाडीह से सतगढ़ के बीच पुल निर्माण

- बिर्रा में इस सत्र से शासकीय महाविद्यालय की घोषणा, कार्य प्रारंभ

- जैजैपुर और बम्हनीडीह में आईटीआई, हसौद में रेस्ट हाउस की स्वीकृति

- पोड़ीशंकर से बेलकर्री, दतौद से लखाली, चोरभट्ठी से बंसुला, ठठारी से चोरिया और भड़ोरा से बरभांठा तक सड़क निर्माण

ये बन सकते हैं चुनावी मुद्दे

डुबान प्रभावित किसानों को मुआवजा - मुक्ता एनीकट, हसौद एनीकट और बसंतपुर बैराज में प्रभावित आधाा दर्जन गांवों के ग्रामीणों की जमीन डुबान क्षेत्र में आई है। यहां के सैकड़ों किसान मुआवजा व पुनर्वास को लेकर कई बार मांग कर चुके हैं, मगर अब तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।

पलायन - मनरेगा के कार्यों का भुगतान समय पर नहीं होने से विधानसभा क्षेत्र के कारीभांवर, देवरानी, सिलादेही, लिमतरा, भनेतरा, लालमाटी, बेलकर्री, कांशीगढ़, अचानकपुर, खरवानी, बेलादुला, भोथिया, कंचनपुर, झरप, नगारीडीह और मुक्ता सहित दो दर्जन गांवों के ग्रामीण बड़ी तादाद में कमाने खाने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व अन्य राज्यों में पलायन करते हैं। मनरेगा में डेढ़ सौ दिन काम की बात कही जाती है, मगर साल में 50 दिन भी काम नहीं मिलता।

पेयजल- क्षेत्र के जैजैपुर नगर पंचायत तथा अधिकांश गांवों में जल संकट है। भूजल स्तर गिर गया है। इसके चलते लोगों को पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।

वादे जो रह गए अधूूरे

नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने जैजैपुर में जल संकट के निराकरण के लिए पानी टंकी बनाने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक नई पानी टंकी का निर्माण नहीं हो सका है। इसके चलते नगरवासियों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री का दौरा चार साल के भीतर इस क्षेत्र में एक-दो बार ही हुआ है मगर इस दौरान यहां उन्होंने कोई घोषणा नहीं की।

मेरे बोल

मेेरे कार्यकाल मेंं क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हुआ है। बिर्रा में कॉलेज की स्वीकृति, आधा दर्जन से अधिक गांवों में एनीकट निर्माण, नदी-नालों में पुल-पुलिया का निर्माण, देवरघटा और भोथिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, जैजैपुर और बम्हनीडीह में मिनी आइटीआइ की स्थापना सहित कई कार्य कराए गए हैं। क्षेत्र में सड़कों का जाल भी बिछा है। प्रशासनिक अधिकारियों के लचर रवैये के कारण कई कार्यों में विलंब होता है। सरकार का प्रशासन पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं है। सालों से मनरेगा की मजदूरी नहीं मिली है। वहीं ओडीएफ घोषित होने के बाद कई पंचायतों के सरपंच राशि के लिए चक्कर काट रहे हैं। इसके चलते वे कर्जदार हो गए हैं - केशव चंद्रा, विधायक, जैजैपुर

विधायक की निष्क्रियता के चलते क्षेत्र में विकास कार्य जितना होना था उतना नहीं हुआ फिर भी हमारी कोशिशों से विकास के काम हुए हैं। जिन कार्यों का श्रेय विधायक ले रहे हैं, वे हमारे प्रयासों से स्वीकृत हुए है। विधानसभा चुनाव में पराजित होने के बाद भी लगातार क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत हूं। आगे भी विकास के लिए प्रयास किया जाएगा। क्षेत्र में पुल-पुलिया, सड़कों का जाल, शिवरीनारायण से चाम्पा तक टू लेन रोड निर्माण सहित अन्य गांवों मेें सड़कों का जाल बिछा है। इसके लिए हमने सरकार से समय-समय पर मांग की है - कैलाश साहू, पूर्व विधायक प्रत्याशी, भाजपा

उपचुनाव में हुई थी खाई-खंदक की लड़ाई

परिसीमन के बाद वर्ष 2008 में यह सीट अस्तित्व में आई। इसके पहले यह इलाका मालखरौदा विधानसभा में आता था। जैजैपुर विधानसभा बनने के बाद से यहां कांग्रेस और बसपा को एक-एक बार जीत मिली। वर्ष 2007 के उपचुनाव में यह सीट मालखरौदा विधानसभा में आती थी, तब यहां बसपा विधायक लालसाय खुंंटे थे।

हाईकोर्ट द्वारा उनकी सदस्यता शून्य घोषित करने पर उपचुनाव हुआ, जिसमें भाजपा व कांग्रेस ने ताकत झोंक दी थी। इसमें भाजपा के निर्मल सिन्हा जीते थे। 2008 के चुनाव में मुकाबला कांग्रेस के महंत रामसुंदर दास और बसपा के केशव चंद्रा के बीच हुआ। चुनाव महंत से जीता। 2013 में भाजपा ने यहां से कैलाश साहू को मैदान में उतरा, जबकि बसपा से चंद्रा और कांग्रेस से महंत मैदान में थे। इस बार चंद्रा जीते और विधानसभा पहुंचे। भाजपा प्रत्याशी साहू दूसरे और कांग्रेस के महंत तीसरे स्थान पर रहे।

मतदाताओं का गणित

कुल वोटर - 2, 23, 495

पुरुष - 1, 14, 804

महिला - 1,08,691

कुल मतदान केंद्र - 254