जांजगीर-चांपा। नईदुनिया प्रतिनिधि

सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों में रैगिंग रोकने गठित समितियां पᆬाइलों में चल रही है। रैगिंग के संबंध में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को जानकारी देने बेनर, होर्डिंग भी कॉलेजों में नहीं लगाया गया है। ऐसे में रैगिंग होने की स्थिति में पीड़ित छात्र-छात्रा कहां संपर्क करेंगे, ये भी उन्हें पता नहीं चल पाता।

जिले में 16 शासकीय कॉलेज और 36 प्राइवेट कॉलेज संचालित हैं। इसके अलावा दर्जन भर से अधिक बीएड कालेज भी हैं। इनमें से सभी कॉलेजों में एंटी रैगिंग कमेटी का गठन विनियम 2009 के तहत किया गया है। कमेटी में प्राचार्य, कुछ प्राध्यापक, एसडीएम, संबंधित थाना प्रभारी, अभिभावक, पुराने छात्र व मीडिया के कुछ प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति का काम कॉलेज में रैगिंग रोकना है। यह समिति सुप्रीम कोर्ट एवं जस्टिस राघवन कमेटी की अनुशंसा के आधार पर निर्मित विनियम 2009 के आधार पर गठित किया जाना है। यह विनियम 4 जुलाई 2009 से पूरे देश में प्रभावी है। इसके अलावा कॉलेजों में एंटी रैगिंग के प्रति लोगों को जागरुक करने होर्डिंग, बेनर, सूचना पट पर रैगिंग रोकने के लिए लोगों को जानकारी देने, सक्षम पदाधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर का उल्लेख करने का प्रावधान है, मगर ज्यादातर कॉलेजों में समिति गठित कर औपचारिकता निभा दी गई है। इन समितियों की बैठक भी नहीं होती। टीसीएल कॉलेज जांजगीर, शासकीय कॉलेज पामगढ़, शासकीय कॉलेज जैजैपुर सहित अन्य कई कॉलेजों में एंटी रैगिंग से संबंधित होर्डिंग, बेनर, पोस्टर का अता-पता नहीं है। प्राइवेट कॉलेजों का हाल तो और बुरा है। बलौदा, पामगढ़, जिला मुख्यालय के बीएड कॉलेज सहित अन्य कई प्राइवेट कॉलेज में एंटी रैगिंग संबंधी कोई गतिविधि नहीं दिखती। इसके चलते खासकर गांवों से आने वाले नए छात्र-छात्राओं को जानकारी नहीं मिल पाती। विनियम का पालन नहीं करने पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा संबंधित संस्थान के विरुद्घ कार्रवाई का प्रावधान है, मगर इस संबंध में कहीं जांच भी नहीं होती। ऐसे में रैगिंग रोकने गठित समितियां केवल कागजों में चल रही है। रैगिंग सामाजिक बुराई के साथ अपराध भी है और विनियम के अनुसार रैगिंग करने वालों को संबंधित संस्थान से पांच वर्ष के लिए निष्कासित करने के अलावा छह माह कारावास व दस हजार रुपए अर्थदंड का प्रावधान है।

जिला स्तर पर भी गठित है समिति

एंटी रैगिंग कमेटी जिला स्तर भी गठित है। इसमें कलेक्टर अध्यक्ष हैं। इसके अलावा एसपी, कई कॉलेजों के प्राचार्य व मीडिया के प्रतिनिधि सदस्य हैं। यह कमेटी भी पᆬाइलों में ही चल रही है। इसकी बैठक भी लंबे समय से नहीं हुई है।

''सभी कॉलेजों में एंटी रैगिंग कमेटी गठित है। इसकी बैठक समय-समय पर होती है। इस विषय पर 19 जुलाई को कलेक्टोरेट में जिले के सभी कालेजों के प्राचार्य की विडियो कांपᆬ्रेंसिंग होगी। इसमें विभिन्न मुद्दों के साथ प्राचार्यो को रैगिंग के संबंध में आवश्यक जानकारी दी जाएगी। ''

डॉ. केपी जैन

प्रभारी प्राचार्य

शासकीय टीसीएल अग्रणी कॉलेज जांजगीर