0.नाम विलोपित किए जाने से भड़के हितग्राही

पᆬोटो क्रमांक- 15जेएसपी 6 भुगतान नहीं होने से नाराज ग्रामीण हितग्राही।

कोतबा। नईदुनिया न्यूज। शौचालय निर्माण के 6 माह बाद भी भुगतान नही किए जाने से ग्रामीण हितग्राहियों ने नाराजगी जताई है। हितग्राहियों का आरोप है कि चहेतों को लाभ पहुंचा कर सूची से ही नाम विलोपित कर दिया गया है। योजना से वंचित होने का आभास उन्हें अब हुआ और अब तक उनहें धोखे में रखा गया। मामला जनपद पंचायत पत्थलगांव के ग्राम पंचायत बनगांव(के) अंतर्गत आश्रित ग्राम घोघरा का है। ग्रामीण पंचायत सहित जिला अधिकारियों के कार्यालय में शिकायत लेकर चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को भी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जमकर नाराजगी जताई।

ग्रामीण महेंद्र यादव, जगजीवन चौहान, चौरन साय, लखन साय, इंदर साय, बंशीराम, परशुराम, नटवर, श्रीमणी राम ने बताया कि उन्हें स्वच्छ भारत मिशन योजना अंतर्गत स्वीकृत शौचालय का निर्माण किऐ जाने के लिए ग्राम के सरपंच भदर साय और सचिव जलिन्धर कुजूर द्वारा प्रेरित किया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें तत्काल राशि आबंटित नही हो पाने के लिए स्वयं निर्माण की जिम्मेदारी सौपी गई। ग्रामीणों ने भी सरपंच और सचिव की बात को मानकर निर्माण कार्य पूर्ण कर उसे उपयोग में लाया जा रहा है। लेकिन उसके भुगतान को लेकर गंभीर नही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 6 माह से राशि नही आया है कहकर लौटा दिया जा रहा है। लेकिन सचिव के द्वारा उन्हें यह कहकर फटकार लगाया जा रहा है कि जिन ग्रामीणों के द्वारा शौचालय निर्माण किया गया है, उनका सूची में नाम ही नही है। उन्हें इस योजना का लाभ नही मिल सकता। इधर ग्रामीण इस बात से नाराज हैं कि पहले उन्हें सूची में नाम है कहकर शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित किया गया। अब सूचनी में नाम न होने का बात कहकर योजना से वंचित किया जा रहा है।

चहेतों को लाभ पहुचाने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में उनके नाम सूची में है कहकर सचिव ने दबाव पूर्वक निर्माण कार्य करवाया। अब उसी सूची में से दर्जनों ग्रामीणों के नाम को काटकर चहेते लोगो को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। आरोप है कि पात्र हितग्राही इस योजना से वंचित होकर दुकानदारों का तगादा झेल रहे है। साथ ही पंचायत में सुरक्षा के मापदंडों को दरकिनार करते हुए घटिया और स्तरहीन निर्माण कार्य पंचायत के द्वारा किये जाने की बात कही जा रही है। ग्रामीण धनसाय पैंकरा ने बताया कि उनका शौचालय निर्माण पंचायत के देखरेख में किया गया था। लेकिन घटिया निर्माण के कारण बनने के चंद दिनों में वह गिर गया। आखिरकार उन्हें पुनः स्वयं के खर्चे से शौचालय बनाना पड़ा। उनका कहना है कि निर्धारित मापदंडों का उपयोग बिल्कुल नही किया गया है। बल्कि जैसे तैसे गड्ढे खोदकर औपचारिक्त पूरी कर शासकीय योजना का बंदरबाट किया गया है। ग्रामीणों ने बताया पहली बरसात में ही ग्रामीणों के शौचालय धसने लगेंगे।

उक्त समस्या को लेकर पंचायत सचिव से बात की गई। सचिव ने बताया है कि उक्त हितग्राहियों का शौचालय पूर्व से निर्मित है। इसलिए योजना का लाभ उन्हें नहीं दिया गया है। जांच के बाद सूची से उनका नाम काटा गया है। मैं स्वयं जाकर उक्त समस्या व स्थान की जांच करूंगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।

भजन साय

सीईओ, जनपद पंचायत, पत्थलगांव