सिंगीबहार/ जशपुर। पुरसाबहार विकासखंड के ग्राम घुमरा पंचायत के आश्रित ग्राम झरन प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक शराब के नशे में चूर पाया गया। वह शराब की बोतल लेकर कक्षा में बैठा। लोगों को देखकर शिक्षक बोतल छिपाने लगा लेकिन बच्चों ने स्कूल आए लोगों को बता दिया कि गुरूजी शराब की बोतल लेकर आए हैं। शुक्रवार को झरन प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक देवनीश मिंज शराब के नशे में स्कूल पहुंचे।

इस बीच जानकारी मिलने पर कई लोग स्कूल आ गए। लोगों को देखकर शिक्षक बोतल टेबल के नीचे छिपाने लगा लेकिन विद्यालय के तीन बच्चे बताने लगे कि गुरूजी शराब पीकर आए हैं और बोतल छिपा रहे हैं। इसके बाद शिक्षक ने स्वयं शराब बोतल निकालकर टेबल के उपर रख दी और बेबाकी से बताने लगे कि वे शराब दवा बनाने के लिए लाए हैं।

शिक्षक देवनिश मिंज ने बताया कि वे शराब शाम को पीते हैं और स्कूल में नहीं पीते हैं। शराब के नशेे में शिक्षक ने सामान्य ज्ञान भी ऐसे बताए जिसपर कई सवाल खड़े होते हैं। शिक्षक ने प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह को बताया और पहाड़ा बताने में भी असमर्थ रहा । नशे में धुत शिक्षक देवनीश ने बताया कि वह गणित का शिक्षक हैं।

सात बच्चों पर दो शिक्षक

स्कूल के बारे में जब जानकारी ली गई तो पता चला कि उक्त स्कूल की स्थापना 1983 में हुई थी और हर वर्ष स्कूल के प्रति ग्रामीणों का उत्साह कम होता जा रहा है। ग्रामीण इस स्कूल में बच्चों को भेजना ही नहीं चाहते हैं। इसके पीछे स्कूल की गुणवत्ता ग्रामीण बताते हैं। स्कूल में पहली से पांचवी तक कुल सात बच्चे दर्ज हैं, जिसमें से तीन बच्चे स्कूल में थे।

एक बच्चे के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रधान पाठक देवेंद्र सिंह चिकित्सक के पास गए हुए थे। स्थिति यह है कि कक्षा तीसरी और पांचवी में एक भी संख्या दर्ज नहीं है। वहीं स्कूल में सात बच्चों पर दो शिक्षकों की तैनाती है। मामले को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी एन कुजूर ने बताया कि मामले को संज्ञान में लिया जा रहा है और जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।