जशपुरनगर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बाक्साइट उत्खनन को लेकर जिले में राजनीति गहराती जा रही है। मामले को लेकर भाजपा द्वारा कांग्रेस पर निशाना साधे जाने के बाद कांग्रेस ने भी इस मामले में पलटवार किया है। कांग्रेस ने जिले में पांच खदानों को स्वीकृति दिए जाने को पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की कार्रवाई बताते हुए भाजपा के नेताओं के बयानबाजी को राजनीतिक स्टंट बताया है।

आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष व नगरपालिका अध्यक्ष हीरू निकंुज ने एक बयान जारी कर मामले में भाजपा पर बेवजह राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बाक्साइट के जिन पांच खदानों को लेकर भाजपा के नेता तूल दे रहे है। उसके संबंध में पहले पूरी जानकारी जुटा लेते तो अपनी पार्टी को शर्मिदगी से बचा लेते। उन्होनें कहा कि जिले की जनता इस बात से अच्छी तरह से वाकिपᆬ है कि इन खदानों को वर्ष 2013 से पहले ही प्रदेश सरकार स्वीकृति दे चुकी थी। इस दौरान सत्ता में भाजपा का कब्जा था। यह मामला 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उजागर हुआ था। लेकिन उस वक्त भाजपा के नेताओं ने जनता को जिले को ऑक्सीजोन बनाने का सपना दिखा कर गुमराह कर दिया था। अगर भाजपाई वास्तव में जिले के आदिवासी व कोरवा के हितरक्षक होते तो इस चुनाव के तत्काल बाद तात्कालिन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के माध्यम से इस लीज को निरस्त करा सकते थे। लेकिन भाजपाईयों की मंशा इस जिले में उत्खनन उद्योग शुरू करने की थी,इसलिए उन्होनें इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया। श्री निकुंज ने कहा कि अगर 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता ने कांग्रेस को जनादेश नहीं दिया होता तो अब तक जशपुर के इन बहुमुल्य प्राकृतिक संपदा पर भी औद्योगिक घरानों का कब्जा हो चुका होता। उन्होनें कहा कि कांग्रेस ने उद्योगपतियों की जगह गांव और किसानों को तरजीह दी है। यही वजह है कि शपथ ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार ने बस्तर में आदिवासियों की जबरन अधिग्रहित जमीन को वापस लौटाने और ऋ ण मापᆬ करने की कार्रवाई की है। कांग्रेस के इन जनहित के कार्यो से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा हथकंडे अपना रही है।

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