0.लाखों के जमीन में हुआ बंदरबाट

0.चार लोगों के विरूद्घ पᆬर्जीवाड़े का मामला दर्ज

जशपुर /बगीचा। नईदुनिया प्रतिनिधि। बगीचा विकासखंड के ग्राम गुडलू में समलाती खाते की जमीन पर असली हकदार को बिना बताए दस्तावेजों में हेरपᆬेर कर जमीन बेच दी गई। आरोपियों ने जुगत लगाए और दस्तावेजों में पᆬोटो बदलकर पूरा खेल किया। मामले की शिकायत पर जब पुलिस ने जांच की तो पूरा मामला उजागर हो गया। पुलिस ने लाखों की जमीन के इस पᆬर्जीवाड़े में चार लोगों के विरूद्घ जुर्म दर्ज कर लिया है।

प्रार्थी रामलाल पिता बैगा राम ने बगीचा पुलिस को बताया कि वह ग्राम गुडलू में किसानी का काम करता है। उसके समलाती खाते के खसरा नं 717/4 रकबा .032 हेक्टेयर को अनावेदक दीपक चौहान द्वारा स्वयं को रामलाल बताते हुए उसके फोटो की जगह स्वयं का फोटो चस्पा कर उसका फर्जी हस्ताक्षर कर जालसाली कर रजिस्ट्री के माध्यम से 6 मार्च को ममता तिर्की को बिक्री कर दिया। थाना प्रभारी राजेश मरई ने बताया कि प्रार्थी के हक में जो जमीन है वह संयुक्त रूप से रिकार्ड में थी, जिसमें प्रार्थी रामलाल सहित गुलाबी, आरती पिता बैगा, श्रीमती एतवारी बाई पति बैगा, छोटन राम, जय राम,रामगुलाम लोभन राम का भी नाम है। प्रार्थी को बिना सूचना दिए, बिना सहमति के साजिश रची गई और दस्तावेजों में हेरपᆬर करते हुए जालसाजी कर रजिस्ट्री के माध्यम से जमीन बेच दी गई। आवेदक को बिना बताए रजिस्ट्री में आवेदक के स्थान पर आवेदक दीपक चौहान पिता रामगुलाम द्वारा स्वयं का फोटो चस्पा कर फर्जी हस्ताक्षर किया गया और अपने आप को रामलाल बताया गया। इसी प्रकार गुलाबी पिता बैगा के स्थान पर सविता पिता नेहरू राम का फोटो चस्पा किया गया है। आरती पिता बैगा के स्थान पर चंद्रिका पिता राम गुलाम का फोटो चस्पा कर आरती बताया गया है। इसी प्रकार जांच में पाया गया कि एतवारी पति बैगा के स्थान पर सुमित्रा पति रामगुलाम का फोटो चस्पा कर फर्जी हस्ताक्षर अंगुठा निशान किया गया। छोटन राम पिता लोभन, जयराम पिता लोभन सही व्यक्ति थे लेकन सब जानते हुए वे जालसाजी में आरोपियों का साथ दिए। इनका गवाह राम नाथ पिता बेचन सिंह, मनमत सिंह पिता कलिन्दर सिंह है। ममता तिर्की पति बिरेन्द्र तिर्की के पास जमीन विक्रय किया गया। इसकी प्रार्थी को भी नहीं हुई। एतवारी बाई ने अपने बेटा रामलाल को बताया कि जमीन में लोगों की भीड देखकर बाद में अपने बेटे को बताने पर रामलाल हल्का पटवारी के पास गया तब पता चला कि रामगुलाम का जमीन विक्रय कर रजिस्ट्री तक कर दी गई है। ममता तिर्की के पास ग्राम कुरूमकेला में जाकर रजिस्ट्री को देखने पर जालसाजी का पता चला। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आरोपी दीपक चौहान पिता राम गुलाम, सविता बाई पिता नेहरू राम, चंद्रिका बाई, रामगुलाम,सुमित्रा पिता राम गुलाम के विरूद्घ धारा 420 एंव 120 बी के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।

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