पᆬोटो क्रमांक- 15जेएसपी 12 चांद कादरी, जेएसपी 13 रौनक परवीन, जेएसपी 14, 15 उपस्थित स्रोता।

जशपुरनगर। नईदुनिया प्रतिनिधि। बाबा मलंग शाह के सालाना उर्स का समापन मंगलवार की सुबह उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इससे पहले पूरी रात कव्वाली का शानदार मुकाबला देखने को मिला। सूपᆬी गायक चांद कादरी एक तरपᆬ जलवा बिखेर रहे थे। वहीं दूसरी तरपᆬ कव्वाला रौनक परवीन ने श्रोताओं का बांधे रखा। इस दौरान पैसे की भी जमकर बरसात हुई और श्रोताओ ने दोनों गायकों के उपर जमकर पैसे बरसाए।

बाबा मलंग शाह के सालाना उर्स में जिले के साथ ही ओड़ीशा, झारखंड से बड़ी संख्या में लोग जुटे। एक ओर जहां दुआओं के साथ चादर लेकर कई समूह डीजे के साथ चादर चढ़ाने मजार पर पहुंचे। वहीं उर्स पर लगने वाले मेले और कव्वाली मुकाबला के कार्यक्रम में भी लगभग 10 हजार की भीड़ देखने को मिली। कव्वाली के रंग चढ़ते ही पᆬरमाइशों का दौर भी शुरू हुआ। अपनी गायकी का जलवा बिखेरते हुए चांद कादरी ने अपने कलाम पढ़कर पूरे श्रोताओ को झूमने पर मजबूर कर दिया और हिंदू, मुस्लिम सभी को एक साथ गले मिलकर देश के स्वाभिमान को बनाए रखने अपील की। चांद कादरी के कलाम , यह जमीं मां है हमारी ये अलल एलान लिख देना, हमारी जिंदगी पर इसके हैं एहसान लिख देना, ऐ किसका मकबरा है दुनिया वाले जान जाएंगे, हमारी कब्र के पत्थर पर हिंदुस्तान लिख देना' ने खूब तालियां बटोरी। पिᆬर चांद कादरी ने कहा कि लहू अपना दे दूं चमन के लिए, मेरी जान जाए जाए वतन के लिए। वहीं रौनक परवीन ने आशिकों की खूब खबर ली और कहा कि मुकाबले की तमन्ना है तो इधर रूख कर, नजर का तीर कलेजे के पार करना है, ये तेरी पीठ है ये मेरे बेखबर दुश्मन, मुझे तो बस तेरे सीने पर वार करना है। रौनक परवीन ने आशिक मिजाज श्रोताओ को खूब बहलाया और श्रोताओ ने पूरे प्रस्तुति तक पैसे बरसाए। दोनों ही गायकों के उपर श्रोताओ ने खूब पैसे लुटाए। उल्लेखनीय है कि यहां उर्स पर कव्वाली का मुकाबला वर्षों से चर्चा में रहा है, जिसे देखने के लिए तीन राज्यों से के लोग यहां आते हैं। पूरी रात कव्वाली मैदान से लेकर बाबा मलंग शाह के मजार तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। स्थिति यह थी कि बिरसा मुंडा चौक में पुलिस को बेरिकेट लगाकर वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ी। बिरसा मुंडा चौक से भीड़ के कारण लोगों को पैदल ही मजार तक जाना पड़ा। वहीं कव्वाली क्षेत्र में भी वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ी। यहां सौ से अधिक विशेष दुकान सजे थे और सबसे अधिक भीड़ खाने, पीने के दुकानों व श्रृंगार, खिलौने के दुकान में देखने को मिला। कव्वाली मैदान में एक ओर जहां लोग कव्वाली का मजा ले रहे थे। वहीं दूसरी और मेले का मजा लेते लोगों को देखा गया। हर एक उम्र के लोग यहां पर देखे गए। स्थिति यह थी कि मैदान के एक बड़े हिस्से में लोग रात सोते भी देखे गए और घर नहीं लौटे। पुलिस के द्वारा भी यहां सुरक्षा के पुख्ते इंतजाम किए गए थे। लेकिन सबसे अधिक कार्य यहां उर्स कमेटी के कार्यकर्ताओं के द्वारा देखा गया। जिन्होंने सुरक्षा के लिए वालेंटियर बनाए थे। उनके ही द्वारा भीड़ सहित स्टेज के आसपास व मकबरा में शांति व्यवस्था बनाया गया। वहीं पुलिस को भी ट्रैपिᆬक सहित आसपास की व्यवस्था को बनाए रखने में कापᆬी मशक्कत करनी पड़ी।

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