0.कोतवाली थाना क्षेत्र के लोखंडी गांव की घटना

पᆬोटो 19 जेएसपी 1,2 : जिला चिकित्सालय में भर्ती घायल

जशपुरनगर नईदुनिया प्रतिनिधि। मधुमक्खी के हमले में एक ही परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम लोखंडी की है। हादसे में घायल दो लोगो की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

ग्राम लोखंडी निवासी बंधन विश्वकर्मा (57), पत्नी जयमुनि बाई (52), बेटी गणपति बाई (25) और दुर्गा (23) के साथ नजदीक स्थित जंगलबंद डिपा में रविवार की सुबह तकरीबन छह बजे तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे। सुबह आठ बजे मधुमक्खियों ने इन पर हमला के दिया। घायल बंधन के मुताबिक एक चील ने मधुमक्खियों के छत्ते को छेडा था। मधु मक्खियों द्वारा किए गए हमले में चारो बुरी तरह से घायल हो गए। घायल गणपति ने मोबाइल से हादसे कि सूचना अपने भाई मदन को दिया। मदन वेन लेकर जंगल पहुंचा। इस वक्त तक घटनास्थल पर मधुमक्खियों की फौज मंडरा रही थी। मदन ने किसी तरह वेन से निकलकर घायल माता पिता और बहनों को वाहन में बिठाकर घर लाया। यहां से संजीवनी एंबुलेंस के सहयोग से सभी घायलों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक घायलों में बंधन और गणपति की हालत गंभीर बनी हुई है। 39 हजार मानक बोरा का है लक्ष्य

छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्रहण दर चार हजार रुपए प्रति मानक बोरा है जो अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है। अन्य राज्यों से तेंदूपत्ता जिले में विक्रय हेतु अवैध रूप से न आ सके, इसको ध्यान में रखते हुए सहकारी समितियों एवं फड़ों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता का अवैध परिवहन न हो सके इसकी धर-पकड क़े लिए उड़नदस्ता दल गठित किए गए है। तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की देख-रेख के लिए पोषक अधिकारी, फडमुंशी और फड अभिरक्षक तैनात किए गए है। तेंदूपत्ता के अवैध परिवहन एवं अन्य राज्यों से इसकी आवक की रोकथाम के लिए तीन उड़नदस्ता दल तथा तीन जोनल अधिकारी तैनात किए गए हैं। तेंदूपत्ता की गुणवत्ता की जांच के लिए आठ अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो सीजन के दौरान लगातार दौरा कर संग्रहण कार्य एवं गुणवत्ता पर निगरानी रखेंगे। जशपुर जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए कुल 305 फड हैं। जिले के तपकरा, पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी इलाके में अच्छी गुणवत्ता का तेन्दूपत्ता बहुतायत रूप से होता हैं जिले के 42 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को लगभग 16 करोड़ रूपए का पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा।

हाथी और भालू का मंडरा रहा खतरा

चिलचिलाती धूप की परवाह ना करते हुए तेंदूपत्ता संग्रह करने में जुटे हुए ग्रामीण पर हाथी और भालू के हमले का खतरा मंडरा रहा है। हाथियों का दल इन दिनों जिले के दुलदुला,कुनकुरी,कांसाबेल और पᆬरसाबहार तहसील के वन्य क्षेत्र में विचरण कर रहा है। गत दिनों एक दंतैल ने पᆬरसाबहार तहसील में दो अलग-अलग घटनाओं में दो ग्रामीणों को कुचल कर मार डाला था। वहीं भालुओं के हमले का खतरा भी इन्हीं वन्य क्षेत्रों में बना हुआ है। इन खतरों से जूझते हुए ग्रामीण हरा सोना तेंदूपत्ता को संग्राहित करने में जुटे हुए हैं।

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