0 विश्रामपुर क्षेत्रीय इकाई का भी किया गया गठन

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बिश्रामपुर । नईदुनिया न्यूज

एसईसीएल सहित इंडिया एवं अन्य उपक्रमों में आगामी 8 व 9 जनवरी को प्रस्तावित हड़ताल को लेकर कोयला श्रमिक संघ (सीटू) के बिश्रामपुर सहित भटगांव एवं बैकुंठपुर क्षेत्र के प्रतिनिधियों का संयुक्त कंवेंशन शनिवार को नगर के आडिटोरियम हाल में आयोजित किया गया। इसमें अखिल भारतीय हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लेते हुए रूपरेखा तैयार की गई। एक दिन पूर्व संगठन का क्षेत्रीय सम्मेलन भी आयोजित हुआ, जिसमें मतदान के जरिए संगठन की बिश्रामपुर क्षेत्रीय इकाई के अध्यक्ष एवं सचिव का चयन किया गया।

श्रमिक संगठन सीटू के नगर के आडिटोरियम हाल में आयोजित तीन क्षेत्रों के संयुक्त कन्वेंशन में आल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव डीडी रामानंदन मुख्य अतिथि थे। मंचासीन कोयला श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष महेश श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष ललन सोनी, महासचिव जेएस सोढ़ी, कंपनी सेफ्टी बोर्ड मेंबर बीएम मनोहर एवं कामरेड एस. कुमार का स्वागत किया गया। आल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव एवं कोल इंडिया जेबीसीसीआइ मेंबर डीडी रामानंदन ने केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा लगातार मजदूर विरोधी नीतियों की वजह से ट्रेड यूनियनों को राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। निजीकरण, विनिवेश के अलावा मजदूरों की सुविधाओं में कटौती पर सरकार ज्यादा ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 252 पब्लिक सेक्टर की लगभग 58 फीसदी निजीकरण कर दिया है। कानून में बदलाव कर श्रमिक संगठन को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। श्रम कानून में संशोधन से उद्योगपतियों को एकतरफा निर्णय लेना आसान हो जाएगा। वर्तमान में यूनियन विरोध कर रही हैं, पर यूनियन खत्म होने से मजदूरों का शोषण शुरू हो जाएगा।

कोयला श्रमिक संघ के केंद्रीय महासचिव जेएस सोढ़ी ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है। केंद्र सरकार घाटा बता कर खदान बंद करने साजिश रच रही है। कोयला उद्योग में हड़ताल को सफल बनाकर केंद्र को झुकाना होगा, अन्यथा कोयला मजदूरों का भविष्य खत्म करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। संगठन के कार्य के अध्यक्ष ललन सोनी ने भी सरकार को मजदूर विरोधी बताते हुए सभी पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र में जाकर गेट मीटिंग व प्रचार-प्रसार कर मजदूरों को हडताल में शामिल होने का आह्वान करने कहा। तीन क्षेत्रों के संयुक्त कन्वेंशन में भटगांव क्षेत्र के सीटू नेता अजय शर्मा, कादिर खान, बैकुंठपुर क्षेत्र के इंद्रदेव चौहान, शेषमणी पटेल, बिश्रामपुर क्षेत्र के अरुण कुमार एस, डीएस सोढ़ी, जय प्रकाश पांडे, अरुण सिंह, रामलाल, सुरेश पटेल, बलभद्र सेन, एन मुखर्जी, मेवाराम आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

हड़ताल से बाहर रहेगी बीएमएस

महासचिव रामानंदन ने कहा कि दो दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल में केंद्रीय मान्यता प्राप्त 11 यूनियन शामिल होंगी, लेकिन इसमें बीएमएस शामिल नहीं हो रही है। संभवतः राजनीतिक कारणों से संगठन ने यह निर्णय लिया होगा। शेष यूनियन अपने क्षेत्र में सक्रियता के साथ हड़ताल को सफल बनाने जुट गई हैं। सभी क्षेत्रों में पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की बैठक केंद्रीय पदाधिकारी ले रहे हैं। हड़ताल कोयला उद्योग के साथ ही सभी सार्वजनिक उपक्रम, राज्य शासन, शासकीय, अर्द्धशासकीय व निजी उद्योगों में भी होगी।

2015 व 2016 में हुई थी हड़ताल

केंद्रीय ट्रेड यूनियन केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ यह पहली बार संयुक्त रूप से हड़ताल नहीं कर रही है, बल्कि दो सितंबर 2015 एवं 2016 में भी हड़ताल की जा चुकी है। वर्ष 2017 में भी हड़ताल की तैयारी की गई थी, पर वार्ता उपरांत कतिपय कारणों से हड़ताल स्थगित कर दी गई। अब एक बार पुनः 8-9 जनवरी 2019 को हड़ताल पर जाने का निर्णय लेते हुए सभी श्रमिक संघ प्रतिनिधि तैयारी में जुट गए हैं। प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने अपने रवैय्ये में बदलाव नहीं किया है और स्थिति पहले से भी ज्यादा बिगड़ते जा रही है।

क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं सचिव के लिए मतदान

तीन क्षेत्रों के संयुक्त अधिवेशन के एक दिन पूर्व सीटू की बिश्रामपुर क्षेत्रीय इकाई का सम्मेलन आयोजित हुआ। क्षेत्रीय सचिव अरुण कुमार एस द्वारा प्रतिवेदन पेश किया गया। प्रतिवेदन पर बहस के पश्चात्‌ संगठन की क्षेत्रीय इकाई के नवीन कार्यकारिणी हेतु सहमति नहीं बन पाने के कारण मतदान कराया गया। मतदान में क्षेत्रीय अध्यक्ष पद पर डीएस सोढ़ी ने बीरबल राम को तथा क्षेत्रीय सचिव के पद पर जेपी पांडेय ने अरुण कुमार एस को पराजित किया।