कांकेर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले के कई स्कूल शिक्षकों की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। एक ओर शिक्षक नहीं होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, तो दूसरी ओर स्कूल भवन का अभाव भी बेहतर शिक्षा के रास्ते में रोड़ा बना हुआ है। अब तक जिले के कई स्कूल ऐसे हैं, जो बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। जिसके चलते इन स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय दिखाई देता है। ऐसे ही स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पालक जिला प्रशासन से सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचते हैं।

अंतागढ़ क्षेत्र के ग्राम लाभपुरी में प्राथमिक शाला में 5 कक्षाओं का संचालन एकमात्र शिक्षक के भरोसे है। शिक्षक की कमी के कारण बधाों की पढाई प्रभावित हो रही है। इससे चिंतित बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर टीएस सोनवानी को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया कि गांव में संचालित प्राथमिक शाला में 1 से 5 तक कक्षाएं संचालित हो रही है जिसमें बधाों की कुल संख्या 30 है। वहीं पांचो कक्षाओं में अध्यापन कार्य के लिए एकमात्र शिक्षक की व्यवस्था है। एक ही शिक्षक के भरोसे 5 कक्षाएं होने के कारण सही ढंग से पढ़ाई नहीं हो पा रही है और न ही समय पर पाठ्यक्रम पूरा हो सकेगा। जिसके कारण बधाों के भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है। यदि यही स्थिति रही तो बधाों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इसे देखते हुए जल्द से जल्द स्कूल में पर्याप्त शिक्षक की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस दौरान ग्रामीण यशोदा, चमराराम, श्यामलाल, जयलाल व अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

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बुलावंड में भी यही स्थिति

अंतागढ़ क्षेत्र के ग्राम बुलावंड में यही स्थिति है। गांव के पटलेपारा स्थिति प्राथमिक शाला में पिछले नौ माह से एक मात्र शिक्षिका पदस्थ है। एक शिक्षिका के भरोसे ही स्कूल का संचालन हो रहा है। स्कूल में पहली से पांचवी तक कक्षाएं संचालित है और बच्चों की कुल दर्ज संख्या तीस है। बुलांवड के ग्रामीणों ने भी स्कूल में शिक्षक पदस्थ किए जाने की मांग की है। इस दौरान सुशीला नेगी, राधेश्याम, अभिषेक, राजकुमार तेता, सोनिया, गणेश्वरी, बिरेन्द्र, मोतीलाल व अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

हाईस्कूल तो मिला पर भवन नहीं

अंतागढ़ क्षेत्र के ही ग्राम बुलावंड में पूर्व माध्यमिक शाला का उन्नयन कर हाई स्कूल तो बना दिया गया, लेकिन उन्नयन के कई वर्ष बीत जाने के बाद भी हाई स्कूल के लिए भवन की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इससे स्कूल में अध्यापन का कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण लगातार स्कूल भवन की मांग कर रहे है। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उनकी समस्या का निराकरण नहीं हो सका है। परेशान ग्रामीणों ने एक बार फिर अपनी समस्या से जिला प्रशासन को अवगत कराते हुए हाई स्कूल भवन निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि पूर्व माध्यमिक शाला बुलावंड का उन्नयन 2011 में शासकीय हाईस्कूल के रूप में किया गया था। हाईस्कूल के रूप में उन्नयन के बाद 6 वर्ष बीत गया है, लेकिन अब तक हाई स्कूल के लिए भवन बनकर तैयार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि जल्द से जल्द हाई स्कूल भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए और निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए।

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किचन शेड बनाने की मांग

ग्राम कौड़ोखसगाव के ग्रमाीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्राथमिक शाला भवन में किचनशेड की मांग की। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शाला भवन में किचनशेड नहीं होने के कारण झोपड़ी में मध्यान्ह भोजन बनाया जा रहा है। जिससे स्कूली बधाों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की संभावना है। ग्रामीणों ने मांग की कि प्राथमिक शाला में किचन शेड का निर्माण कराया जाए। इस दौरान ग्रामीण का कचरूराम, राधेश्याम, संजय कुमार, शोभाराम, प्रेमबती, रशीदा, कविता, रामचंद्र आदि मौजूद थे