कांकेर (ब्यूरो)। दूध नदी के तट पर पीचिंग निर्माण का कार्य नहीं होने के कारण नदी की तेज धार से भूमि का कटाव तेजी से हो रहा है। लगातार हो रहे कटाव से नदी किनारे बसे लोग चिंतित हैं। ग्रामीणों ने शासन से शीघ्र पीचिंग निर्माण कार्य करने की मांग की है। दूध नदी तट के एक ओर पीचिंग का निर्माण कार्य किया गया है लेकिन दूसरी ओर पीचिंग निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा है। ग्राम मनकेसरी, नवागांव व भंडारीपारा के अधिकांश हिस्से में पीचिंग निर्माण का कार्य नहीं किया गया है। जिसके कारण पिछले दिनों दूध नदी में आई बाढ़ से भूमि के एक बड़े हिस्से का कटाव हो गया। कृषक टिकम पटेल ने बताया कि दूध नदी के तट पर उनकी एक एकड़ पांच डिसमिल भूमि थी। बाढ़ में हुए कटाव से लगभग चालीस डिसमिल भूमि कम हो गई। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से कटाव तेजी से हो रहा है और यदि शीघ्र ही नदी तट पर पीचिंग निर्माण नहीं किया गया तो कटाव में पूरी भूमि चली जाएगी। ग्रामीण केशव यादव ने कहा कि दूध नदी में अक्सर पानी कम रहता है लेकिन बारिश के दौरान बाढ़ आ जाती है। नदी का प्रवाह भी काफी तेज हो जाता है। जिससे नदी किनारे जमीनों का तेजी से कटाव हो रहा है। नदी के तटों के कटाव को देखते हुए शीघ्र ही पीचिंग निर्माण किया जाना चाहिए।