कांकेर। छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर ग्राम अरौद में पछले कई दिनों से तेंदुआ गांव से लगे पहाड़ी जोगीगुंडरा में बसेरा बनाए हुए है।

बुधवार को उसने पहाड़ी के पास के गांव कोटेला निवासी भरत कावड़े की गाय को दिनदहाड़े अपना शिकार बनाया, जबकि पहाड़ी के पास ही मनरेगा के कार्य में कई मजदूर काम में लगे थे। इतने लोगों के होने के बाद भी तेंदुए ने गाय को अपना शिकार बनाया वहीं 14 मार्च की सुबह 8 बजे भी तेंदुआ पहाड़ी पर ही बैठा दिखा।

स्थानीय ग्रामीण चिंता साहू ने बताया कि उसने तेंदुए को अपने दो शावकों के साथ गांव के अंदर रात में विचरण करते देखा है। तेंदुआ पहाड़ी के नीचे के गांव अरौद, कोटेला, भैंसाकट्टा व कुरूभाट आदि गांवों में विचरण कर पालतू मवेशियों, कुत्तों, बकरियों को अपना निशाना बना रहा है।