कांकेर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शासकीय कर्मचारी घोषित किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर कोटवार संघ ने एक दिवसीय प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।

मंगलवार को कोटवार संघ ने शहर के मिनी स्टेडियम में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कोटवारों ने बताया कि वे आजादी के पूर्व से ही शासन-प्रशासन व ग्रामीण ग्रामीण जनता की सेवा में लगे हुए हैं। शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को कोटवारों की अहम भूमिका होती है। कोटवार ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव ड्यूटी, धान खरीदी केन्द्रों में ड्यूटी, अतिक्रमण हटाने की मुहिम, अवैध खनन की रोकथाम, अवैध शराब बिक्री पर रोक, गांव में शाति व्यवस्था बनाए रखने, विभिन्न प्रकार के सर्वे के साथ नोटिस की तामिल जैसे कई कार्य करते हैं। लेकिन इसके बाद भी कोटवारों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं है। कोटवार लंबे समय से शासन प्रशासन से मांगों को पूरा करने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक हमारी मांग की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हमारी मांग है कि कोटवारों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। वर्ष 2014 में किए गए लोकसभा चुनाव ड्यूटी का राशि तत्काल दी जाए। तहसील चारामा के कोटवारों को मिलने वाली मासिक पारिश्रमिक में कटौती न कर पूर्व की भांति पारिश्रमिक दिया जाए। ग्राम पंचायतों में रोजगार गारंटी योजनांतर्गत चलाए जाने वाले कार्यों में अन्य मजदूरों की भांति कोटवारों को भी कार्य पे रखने के पूर्व आदेश का पालन किया जाए। कोटवारी नियुक्ति में भ्रष्टचार दूर करने के लिए अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान लागू किया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा कोटवारों के लिए पूर्व में की गई घोषणों को अमल में लाया जाए। सभी कोटवारों को नियमित पारिश्रमिक का भुगतान किया जाए। प्रतिवर्ष कपड़ा व सिलाई राशि, तीन वर्ष में गरम कोट आदि देने संबंधी आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए। झूठी शिकायत कर कोटवारों के विरूद्घ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को दंडित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कोटवार मौजूद थे।

--