बड़गांव। नईदुनिया न्यूज

पूरे प्रदेशभर में हरा सोना के नाम से जाना जाने वाला तेंदूपत्ता का भुगतान बड़गांव क्षेत्र के संग्राहकों को अबतक नहीं मिल पाया है। वहीं संग्राहकों को अपना मेहनताना अब तक नहीं मिलने से ग्रामीणों के आगे खरीफ की फसल को लेकर संकट गहरा गया है।

विदित हो कि ग्रामीण तेंदूपत्ता से मिलने वाली राशि से बच्चों का पढ़ाई, लिखाई से लेकर घर का खर्चा चलाते हैं। कई लोगों को तेंदूपत्ता तोड़ाई से मिले पैसे से खरीफ की फसल लगाने के लिए कुछ राहत मिल जाती है। परंतु तेंदूपत्ता तोड़ाई के महीने भर बाद भी अब तक संग्राहकों को भुगतान नहीं हो सका है, जिससे संग्राहक काफी परेशान हैं। खरीफ की फसल को लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही है। क्योंकि कृषक अब खरीफ की फसल लगाने के लिए खेत की जोताई, धान बुआई व धान की थरहा की तैयारी धान बीज व अन्य खाद, दवाई खरीदने का कार्य करेंगे। वहीं दूसरी ओर स्कूल का आगामी सत्र भी नजदीक आ चुका है, जिससे बच्चों की पढ़ाई के लिए कॉपी किताब व स्कूली बच्चों के ड्रेस खरीदी करेंगे। पालक वर्ग अपने बच्चों को लेकर भारी चिंतित और परेशान नजर आ रहे हैं। पूर्व डिवीजन के अंर्तगत समिति चिखली, हामतवाही, कोण्डे, गुमड़ीडिही, करकापाल, गोड़पाल, कराकी, सुरुंगदोह, कोड़ेकुर्से, साधुमिचगांव सहित दर्जनों समितियों में अभी तक तेंदूपत्ता संग्राहकों को भुगतान लंबित है। वहीं तेंदूपत्ता संग्रहकों को बैंक के माध्यम से भुगतान किया जाना था, परंतु लगभग एक महीने बाद भी संग्राहकों के खाता में अभी तक पैसा जमा नहीं हुआ है। तेंदूपत्ता संग्रहक चिखली गांव निवासी सनकु दर्रो, सनी गावड़े,शारदा ठाकुर, बिसनात तेता, संतोष ठाकुर, मंशा गावड़े, मन्नू गावड़े, सोनसाय गावड़े, जयलाल नाग, शिवलाल नाग, हरिलाल नाग, फूलसिंह बढ़ाई, सोनपाल गांव निवासी अजित दुग्गा, बाल गोविंद राना, संतलाल राना, अंकालू पटेल, जयराम पटेल, रतन पटेल, पालवी गांव निवासी अजित दरपट्टी, सोहन मंडावी, जयसिंह तुलावी, कोंडे निवासी गिरधर कांगे ने बताया कि तेंदूपत्ता का पैसा चेक करने के लिए हर सप्ताह दो सौ रुपये खर्च कर गांव से 30 किलोमीटर दूर दुर्गुकोंदल जाते हैं और खाता चेक करते हैं तो पैसा जमा नहीं होना देख मायूस होकर वापस घर आ जाते हैं जिससे दिन भर का समय तो व्यर्थ हो ही रहा है। साथ ही आर्थिक और शारीरिक रूप से भी परेशान हो रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों ने समिति के माध्यम से नगद भुगतान करने की मांग की है।

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