पांडातराई। नईदुनिया न्यूज

तीज पर्व पर महिलाओं ने बुधवार को दिनभर कठिन व्रत किया और शाम को सोलह सिंगार कर मेंहदी रचे हाथों से अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए भगवान शिव-पार्वती का पूजन किया। इससे घर-घर फुलहरा सजा और पूरी रात भगवान शिव-पार्वती की आस्था में सिमट गई।

हरितालिका तीज व्रत को लेकर सुबह से ही आस्थामय माहौल रहा। व्रतियों ने इसकी परंपराओं का पालन करते हुए अपने दिन की शुरूआत चिरचिरा की दातुन से की। इसके बाद 24 घंटे चलने वाले कठोर तप का पालन करती रही। शाम होने ही उन्होंने फुलहरा सजाया और भगवान शिव के साथ ही पार्वती की प्रतिमा की स्थापना की। इसके बाद मेंहदी, कुमकुम समेत सभी प्रकार की सुहाग सामग्री और नई साड़ी अर्पित कर पूजन किया। देर रात्रि तक भजन कीर्तन का दौर चला।

धूप ने ली परीक्षा

दिनभर सुर्यदेव के कड़े तेवर रहे और उन्होंने तीखी धूप से व्रतियों की परीक्षा ली। मौसम की यह बेरूखी व्रतियों के लिए थोड़ी परेशानी का विषय बना रहा, लेकिन उनके उत्साह और आस्था को कम ना कर सकी।

पारंपरिक पकवानों का लगा भोग

भगवान को गुजिया, ठेठरी, खुरमी समेत कई तरह के पारंपरिक पकवान के साथ ही विभिन्ना प्रकार के फलों का भोग अर्पित किया गया। साथ ही पर्व के लिए विशेष रूप से माइके आई बेटियों को भी शुभता की कामना के साथ कई उपहार और पारंपरिक पकवान दिये गये।

व्रतियों ने किया रात्रि जागरण

व्रतियों ने भगवान की सेवा में रात्रि जागरण किया। वे रात भर भक्तिमय भजनों और फुलहरा को झुलाते हुए भगवान की सेवा करती रही। इससे पूरी रात पर्व का उत्साह देखते ही बन रहा था। नगर के शिवालय मंदिर में रातभर भजनों की प्रस्तुति से आस्था की अलप जपप्ती रही। गुरुवार को 24 घंटे तक चलने वाले व्रत का परायण हुआ। सुबह विसर्जन के बाद घर-घर मेल मिलाप का सिलसिला चलता रहा।