कवर्धा। नईदुनिया न्यूज

कबीरधाम जिले में प्लास्टिक कैरी बैग और अल्प जीवन पीवीसी व क्लोरीनयुक्त साथ ही विज्ञापनों और प्रचार सामग्रियों, खानपान के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्लास्टिक की वस्तुएं के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को इस आशय के आदेश जारी कर प्रभावी ढंग से प्रतिबंधित करने के लिए कहा है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा प्लास्टिक कैरी बैग एवं अल्प जीवन पी.वी.सी तथा क्लोरीनयुक्त प्लास्टिक तथा विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार सामाग्री और खानपान के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्लास्टिक की वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है। कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने जिले के ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्लास्टिक की वस्तुओं पर प्रतिबंध के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देश भी दिए है। उन्होंने कहा कि विकासखंड के सभी ग्राम और ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक पर बैन के लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करें। ग्राम पंचायत में प्लास्टिक बैन पर नारा लेखन कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कराए। सामाजिक बैठकों का आयोजन कर सभी को प्लास्टिक बैन पर प्रावधानिक धारा-49 के नियमों से परिचित कराए और धारा अंतर्गत लगने वाले जुर्माना व सजा आदि से अवगत भी कराएं। ग्राम पंचायतों के सभी धार्मिक स्थलों पर प्लास्टिक बेन के संदेशों का प्रसारण भी कराएं। ग्राम पंचायत में सामूहिक कार्यक्रम में प्लास्टिक वस्तुओं के उपयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित कराए। समस्त सार्वजनिक स्थल जैसे बस स्टैंड, बाजार चौक, हाट बाजार, मेला स्थल, धार्मिक स्थल एवं ग्राम पंचायत स्थल में प्लास्टिक प्रतिबंधित के लिए बोर्ड लेखन कराए। ग्राम पंचायतों के सीमा क्षेत्रों में स्थित समस्त पर्यटन स्थलों, सार्वजनिक, तालाबों, सार्वजनिक स्थानों हाट बाजार, बस स्टैण्ड, शासकीय भवनों, आदि स्थानों में प्लास्टिक कैरी बैग एवं अल्प जीवन पीवीसी तथा क्लोरीनयुक्त प्लास्टिक तथा प्लास्टिक वस्तुओं पर पुरी तरह प्रतिबंध लगाएं। साथ ही सामाजिक स्तर पर समितियों से समन्वय स्थापित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा है। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों एवं जनपद पंचायत के सीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने विकासखंड अंतर्गत ग्राम और ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक कैरी बेग और प्लास्टिक की वस्तुओं पर प्रतिबंध के संबंध में समुचित जानकारी प्रचार-प्रसार और सूचना पटल तथा दीवार लेखन के माध्यम उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने इस संबंध में किए गए कार्यों का प्रतिवेदन भी 25 मई तक कार्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।