कवर्धा। नईदुनिया न्यूज

कबीरधाम जिले के कलेक्टर अवनीश कुमार शरण अपने काम को लेकर पूरे राज्य में नाम कमा रहे है। कारण यह है कि उनके द्वारा किए गए काम को सीधे अपने सोशल मीडिया में पोस्ट कर लोगों को जागरुक करने का काम कर रहें है। खास बात यह है कि अपने फेसबुक व ट्वीटर पेज में लोगों की समस्या का समाधान भी कर रहे है। कलेक्टोरेट कार्यालय से जानकारी अनुसार जिले के आमजन अपनी समस्या को लेकर कलेक्टर के वाट्सअप, ट्वीटर, फेसबुक पर समस्या लिख रहें है। इन्हीं समस्या के समाधान करने कलेक्टर द्वारा स्क्रीनशॉट लेकर शिकायत शाखा को फारवर्ड करते है। शिकायत शाखा द्वारा आमजन द्वारा भेजे गए समस्या का निराकरण किया जा रहा है। वर्तमान में 30 से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया है। इसके साथ ही जिले के आमजन कलेक्टर के पर्सनल मोबाइन नंबर में भी शिकायत करते है। कलेक्टर द्वारा आम लोगों को मिलने कार्यालय बुलाते है, जहां समस्या का समाधान करते है।

देर रात फोन भी करते है रिसीव, आमजन के लिए लेखक की व्यवस्था

प्रशासकीय अधिकारी के रूप में कलेक्टर लोगों के बीच अपनी पकड़ बना चुके है। जिले के आमजन सीधे कलेक्टर के पास फोन कर समस्या व मांग, शिकायत बता रहें है। कलेक्टर देर रात तक लोगों की समस्या को सुनने फोन पर हमेशा उपलब्ध रहते है। जिले के ग्रामीण रात के 10 बजे के बाद भी कलेक्टर को फोन लगाकर अपनी समस्या बता चुके है। इसके बाद उनके द्वारा समाधान किया गया है। वहीं कलेक्टोरेट में प्रतिदिन कोई न कोई व्यक्ति अपनी समस्या को लेकर पहुंचते है। लेकिन समस्या के लिए आवेदन नहीं लिख पाते। इसे देखते हुए कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने अपने कार्यालय में लेखक की व्यवस्था किया है। कलेक्टोरेट कार्यालय के भीतर किसी भी कार्यालय में जाकर आमजन अपनी समस्या को लेकर आवेदन लिखवा सकता है।

जिले के पहले कलेक्टर जो तहसील स्तर पर प्रारंभ किया जनदर्शन

कबीरधाम जिले को राजनांदगांव जिले से अलग कर जुलाई 1998 में नया जिला बनाया गया था। अब तक इस जिले में 17 कलेक्टर काम कर चुके है। 17वें नंबर पर अवनीश कुमार शरण 13 अप्रैल 2018 से कलेक्टर के पद पर पदस्थ है। ऐसे में कलेक्टर द्वारा जिला का प्रभार लेने के बाद से ही लोगों की समस्या को सुनने विशेष प्लान बनाया है। पूरे राज्य में पहली बार जिले के तीन तहसील कार्यालय में जनदर्शन आयोजन करने का निर्णय लिया गया। तहसील कार्यालय में तहसील स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्ना योजनाओं की समीक्षा भी करते है। वर्तमान में प्रथम शनिवार बोड़ला में, माह के द्वितीय शनिवार पंडरिया, माह के तृतीय शनिवार को सहसपुर लोहारा में आयोजित किया जा चुका है।

आमजन कलेक्टर के साथ लेते है सेल्फी

कलेक्टर द्वारा अपने काम को लेकर जिले के आम लोगों के बीच चर्चित है। लोगों द्वारा काम पूरा होने के बाद कलेक्टर को धन्यवाद ज्ञापित करने कलेक्टोरेट पहुंचे है। इस दौरान लोग उनके साथ सेल्फी भी लेते है। इस तरह जिले का एक बड़ा अफसर लोगों के मध्य अपने मिलनसार नीति के चलते चर्चित हो चुके है। वहीं किसी भी दौर में जाने के समय लोगों के उनकी समस्या को लेकर तुरंत कार्रवाई भी करते है।

कलेक्टर ने अपने परीक्षा का मार्क्स फेसबुक में किया था पोस्ट

मई माह में माशिमं ने कक्षा 10वीं व 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी किया था। लेकिन प्रदेश के कई जिलों में बोर्ड परीक्षा में फेल व कम नंबर आने के कारण कई बधो आत्महत्या कर लिए थे। इसे देखते हुए कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने अपने कक्षा 10 से लेकर कॉलेज के तक नंबर को फेसबुक पर सार्वजनिक किया था। उन्होंने कक्षा 10वीं में 44.5 फीसदी, 12वीं की परीक्षा में 65 प्रतिशत और स्नातक में 60.7 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे। अफसर ने अपने संदेश में यह भी बताया है कि उन्होंने 10वीं की परीक्षा 1996 में, 12वीं की परीक्षा 1998 और स्नातक की डिग्री साल 2002 में पूरी की थी। भले ही अवनीश कुमार शरण के नंबर कम आए हों, लेकिन उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर दिखा दिया कि काबिलियत नंबर देखकर नहीं मापी जा सकती।

बेटी को पहले आंगनबाड़ी में पढ़ाया, फिर सरकारी स्कूल में

वर्ष 2017 में पहली बार आइएएस अवनीश कुमार शरण चर्चा में आए थे। बलरामपुर के कलेक्टर रहते हुए उन्होंने बेटी वेदिका का दाखिला सरकारी स्कूल प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय में कराया था। जहां वे उससे अक्सर मिलने जाते थे। वहां पर बेटी के साथ मिड डे मील खाते उनकी फोटो काफी वायरल हुई थी। उनका मानना है कि हमें सरकारी संस्थाओं में यकीन करना चाहिए तभी उनकी हालत सुधर सकती है। इसके पहले उन्होंने वेदिका को आंगनबाड़ी भी भेजा था। इसी प्रकार बीते साल शहर के प्रमुख प्राथमिक शाला स्कूल में अपनी बधाी का एडमिशन कराया है। इस साल उनकी बेटी फिर से इसी स्कूल में पढ़ाई करेगी।

जिले के अब तक कलेक्टर

नाम कब से कब तक

एसडी अग्रवाल 06-07-1998 से 27-06-2000

अवध बिहारी 27-06-2000 से 01-01-2001

एमआर ठाकुर 01-01-2001 से 15-01-2002

एसके केहारी 15-01-2002 से 19-06-2002

एमवी सुब्बा रेड्डी 19-06-2002 से 22-12-2003

शिव कुमार तिवारी 22-12-2003 से 28-06-2005

डॉ.बीएल तिवारी 28-06-2005 से 14-06-2006

सोनमणी बोरा 14-06-2006 से 23-04-2008

सिद्घार्थ कोमल परदेशी 23-04-2008 से 15-02-2010

आर संगीता 15-02-2010 से 28-01-2011

मुकेश बंसल 31-01-2011 से 10-04-2013

एमएस परस्ते 11-04-2013 से 15-04-2013

एस प्रकाश 16-04-2013 से 31-08-2013

पी दयानंद 06-09-2013 से 11-08-2015

धनंजय देवांगन 11-08-2015 से 22-05-2017

नीरज कुमार बनसोड़ 31-05-2017 से 10-04-2018

अवनीश कुमार शरण 13-04-2018 वर्तमान में कार्यरत है।