कवर्धा/पिपरिया। नईदुनिया न्यूज

जिले के रचनाकारों की संस्था भोरमदेव साहित्य सृजन मंच ने 23 मई को अपने स्थापना दिवस के अवसर पर आदिवासी मंगल भवन में सम्मान समारोह व राज्यस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कुलपति डॉ मांडवी सिंह थे। इसके अलावा नीरज मनजीत छाबड़ा ख्यातिलब्ध साहित्यकार की अध्यक्षता में आयोजित भव्य समारोह में छत्तीसगढ़ी लोक कला संगीत की जीवन पर्यंत सेवा के लिए स्वर्गीय खुमान लाल साव को मरणोपरांत भोरमदेव कला रतन सम्मान एवं साहित्य संगोष्ठी को गांव गुड़ी तक पहुंचाने के लिए जनाब मीर अली मीर को भोरमदेव साहित्य रतन सम्मान, पौधरोपण व पर्यावरण संरक्षण के लिए टीम हरीतिमा तथा शिक्षा के विकास के लिए टीम उमंग को मोर संग चलव सम्मान, खेल के क्षेत्र में नयी पीढ़ी की प्रेरणा स्रोत एकता जंघेल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बेसबॉल टीम भारत को नवा अंजोर सम्मान मया चिन्हा, सम्मान पाती, शाल व श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाती का वाचन रिखी राम धुर्वे, मिनेश कुमार साहू, ज्ञानू दास मानिकपुरी, कुंज साहू, सुखदेव सिंह अहिलेश्वर ने किया।

तीन अलग-अलग सत्रों में आयोजित समारोह के प्रथम सत्र की शुरूआत अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ी लोककला संगीत के पुरोधा स्वर्गीय खुमान लाल साव व मां सरस्वती के तैल चित्रों पर क्रमशः दीप व कलश प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसी दौरान छंद के छ के संस्थापक अरुण कुमार निगम द्वारा रचित गीत मय छत्तीसगढ़ के बेटा अँव की सस्वर प्रस्तुति निगम के शिष्य छंदकार सुखदेव सिंह अहिलेश्वर ने किया। इसी सत्र में पहुना स्वागत के साथ छत्तीसगढ़ी मासिक पत्रिका आरुग चैरा प्रधान संपादक ईश्वर लाल साहू आरुग, यार तेरी कसम गजल संग्रह कृति बोधन राम निषादराज विनायक, मया के पीरा कृति परसराम चंद्राकर का विमोचन किया गया। इसके बाद रामकुमार साहू ने स्वागत भाषण के साथ भोरमदेव साहित्य सृजन मंच के उद्भव एवं विकास के संबंध में सारगर्भित उद्यार व्यक्त किया। अरुण कुमार निगम ने अपने उद्बोधन में स्मृतिशेष खुमान लाल साव के व्यक्तित्व व छत्तीसगढ़ी लोक कला संगीत के क्षेत्र में उनके महती योगदान को रेखांकित करते हुए इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में खुमान संगीत शोधपीठ स्थापित करने कुलपति डॉ मांडवी सिंह के समक्ष पुरजोर मांग रखी। इसे कुलपति डॉ मांडवी सिंह ने अपने उद्बोधन के दौरान जायज ठहराते हुए छत्तीसगढ़ी लोक संगीत को अक्षुण्ण बनाए रखने खुमान संगीत शोधपीठ स्थापना की दिशा में वांछित कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने भोरमदेव साहित्य सृजन मंच के इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रशंसा की। साहित्यकार नीरज मनजीत ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में लोककला, संगीत, साहित्य, शिक्षा, खेल एवं समाज सेवा के क्षेत्र से जुड़े सक्रिय लोगों को एक मंच पर इकट्ठे कर उन्हें सम्मानित करने को ऐतिहासिक कार्य निरुपित करते हुए भोरमदेव साहित्य सृजन मंच के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में रामकृष्ण साहू अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, दिलराज प्रभाकर वन मंडल अधिकारी, महेश आमदे वरिष्ठ साहित्यकार व इतिहासकार खास पहुना के रूप मे उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में ईश्वरलाल साहू, आरुग घनश्याम कुर्रे, अलकरहा हेमसिंग साहू मास्टर वर्षा गुप्ता के संचालन में राजस्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्ना जिले से पधारे सत्तर से अधिक कवियों ने कविता पाठ कर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं से खूब जमकर तालियां बटोरी। अंत में मंच के अध्यक्ष मिनेश साहू ने आभार व्यक्त किया।