कवर्धा। नईदुनिया न्यूज

जिले के विभिन्न खरीदी केंद्रों में पिछले 34 दिनों में चार लाख 81 हजार 620 क्विंटल धान खरीदी जा चुकी है। केंद्रों में रोजाना दर्जनों किसान अपना धान बेचने पहुंच रहे हैं। खरीदी को लेकर विभाग ने पर्याप्त बंदोबस्त किए हैं। ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।

कबीरधाम जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में एक नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है। चुनावी घोषणा पत्र के चलते किसान सहकारी समिति में धान बेचने के लिए रुचि नहीं दिखा रहे थे। इसके चलते खरीदी धीमी गति से प्रारंभ हुई। लेकिन मतदान के बाद अब खरीदी ने जोर पकड़ लिया है। धान खरीदी केंद्रों के व्यवस्थित और सुचारु क्रियान्वयन को लेकर पंजीकृत किसानों को निर्धारित तिथि को धान विक्रय करने बुलाया जा रहा है। ताकि अनावश्यक भीड़ व अव्यवस्था से बचा जा सके। खरीदी केंद्रों में रोजाना दर्जनों किसान अपना धान ट्रैक्टर ट्रॉली व अन्य साधन के माध्यम से लेकर पहुंच रहे हैं। विपणन कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 34 दिन में चार लाख 81 हजार 620 क्विंटल धान किसानों से खरीदी जा चुकी है। वहीं खरीदी का सिलसिला अभी 31 जनवरी 2019 तक निरंतर जारी रहेगा। खरीदे गए धान की कस्टम मिलिंग को लेकर 48 राइस मिलों का पंजीयन किया जा चुका है।

धान खरीदी के लिए 57 और दिन शेष

खरीफ वर्ष 2018-19 का धान खरीदी एक नवंबर से प्रारंभ हो चुका है, जो 31 जनवरी 2019 तक चलेगा। यानी किसानों के पास धान बेचने के लिए अभी भी 57 शेष हैं। शासन समर्थन मूल्य पर किसानों का धान खरीद रही है, जिसमें मोटा धान 1750 रुपये, पतला 1770 रुपये व सरना 1750 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। वहीं प्रति क्विंटल 300 रुपये बोनस भी किसानों को मिलेगा।

सभी खरीदी केन्द्रों पर नजर रख रहे

जिले के सभी खरीदी केंद्रों में अनियमितता व लापरवाही पर नजर रखने के लिए अफसरों की टीम बनाई गई है। निरीक्षण करने के लिए अपर कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, नोडल अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षण को निर्देशित किया गया है। पिछले दिनों निरीक्षण के दौरान बारदाना अमानक स्तर के पाए राइस मिलर्स को नोटिस भी दिया गया है। केंद्रों में किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

----

तरेगांव खरीदी केन्द्र में अब तक नहीं हुई बोहनी

फोटो-11

पांडातराई। नईदुनिया न्यूज

एक नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हो गई है, लेकिन कई किसान अब भी अपनी धान केन्द्रों में बेचने के लिए सरकार बनने का इंतजार किसान कर रहे हैं। तरेगांव खरीदी केन्द्र में अब बोहनी भी नहीं हुई है। किसानों को अभी यह उम्मीद है कि नई सरकार बनने के बाद उनका ऋण माफ कर दिया जाएगा। अधिकांश ऐसे किसान ही समर्थन मूल्य में अपनी धान बेचते हैं जो सरकारी ऋण लेकर खेती करते हैं। इस बार आज तक जिले में छह लाख 89 हजार क्विंटल धान की खरीदी हुई है, जबकि पिछले वर्ष 14 लाख पांच हजार क्विंटल की खरीदी हो गई थी। विभाग के जिम्मेदार लोग भी यह मान रहे हैं कि किसान अभी कहीं न कहीं नई सरकार बनने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें ऐसा लगाता है कि सरकार बनने के बाद उनका कर्ज माफ हो जाएगा। यदि अभी धान बेचेंगे तो कर्ज की राशि में धान की कीमत समाहित कर के ही भुतगतान किया जाएगा। प्रदेश की नई सरकार किस पार्टी की होगी आगामी 11 दिसंबर को मतगणना के बाद तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। इस नई सरकार से किसानों को समर्थन मूल्य में वृद्धि करने संबंधित फैसले की उम्मीद है। ज्ञात होगी किसान अपनी फसल की मिंजाई करके धान को सहेज कर अपने पास रखे हैं क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के घोषणा पत्र में कहा गया था कि अगर कांग्रेस की सरकार आएगी तो प्रदेश के सभी किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। अधिकतर किसान मतगणना 11 दिसंबर की प्रतीक्षा कर रहे नई सरकार का रुख किसानों के प्रति किस तरह रहता है यह देख कर किसान धान खरीदी केन्द्र पहुंचेंगे।

--