कवर्धा। नईदुनिया न्यूज

कलेक्ट्रेट में समस्याओं का निराकरण तो होता है, लेकिन निशक्तजनों के लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं है। कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वारा ही पैदल फरियादियों के लिए रोड़ा बना हुआ है, जिसके कारण बुजुर्ग व निशक्त जनों को परेशानी होती है। कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वारा पर बड़ा नाला है और इस नाले के ऊपर बहुत से बड़े पाइप के पुल बनाए गए हैं। यह मवेशियों को परिसर के अंदर जाने से रोकता है। मवेशी इन पाइपों को पार नहीं कर पाते, जिसके कारण परिसर में मवेशियों का डर नहीं रहता, लेकिन इनसे आम जनता को भी परेशानी होती है। अपनी शिकायत और मांग को लेकर अंदर जाने के लिए पैदल फरियादियों को पाइप से बने रास्ते को पार करना पड़ता है। देखने में यह रास्ता लगता तो सामान्य है, लेकिन यह कुछ दूरी का फासला परेशानी का सबब है। इसपर संभलकर जाना पड़ता है, वरना पैर इन पाइपों में फंस सकता है। चप्पल और जूते तो इसमें फंसते ही हैं और फंसने के बाद निकलने का नाम नहीं लेते। इससे सबसे ज्यादा परेशानी तो निशक्तजनों और उम्रदराज लोगों को होती है।

निःशक्तों की दिक्कत

निःशक्तजन इस बाधा को बैशाखी के सहारे भी पार नहीं कर पाते। मजबूरन उन्हें किसी वाहन चालक से मदद लेनी पड़ती है। कई बार तो साइकिल सवार भी इसमें फंस जाते हैं। चूंकि साइकिल का पहिया पतला होता है। इसके कारण हल्की सी चूक से पहिया इन पाइपों के बीच फंस जाता है। इसके बाद भारी मशक्कत करनी पड़ती है। जिला अस्पताल के दूसरे गेट के पाइप तेड़ा होने के कारण दूसरे गेट को खोल दिया गया, लेकिन गेट में लगे पाइप को नहीं हटाया गया।

समस्या का समाधान निकालें

कलेक्ट्रेट कार्यालय, जिला अस्पताल या जिला पंचायत में इस तरह के पाइप लगे हुए हैं। यहां पर अपनी सुविधा देखी जा रही है न कि आम जनता की परेशानियों को। यह तीनों जिले के सबसे प्रमुख स्थान हैं, जहां पर स्थानीय लोगों से ज्यादा वनांचल के लोग पहुंचते हैं। इसलिए इस पाइप के रास्ते का समाधान निकालना आवश्यक है।

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