कवर्धा। नईदुनिया न्यूज

प्रदेश सरकार ने दिव्यांगों के लिए कई योजना बनाई है। ताकि उन्हें किसी प्रकार से भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही अनकी महत्वाकांशी योजना का लाभ जिले में दिव्यांगों को नहीं मिल पा रहा है। योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगों को मुफ्त में राशन देती है ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। लेकिन इसका लाभ कबीरधाम में गिनती के ही निःशक्तों को मिल पा रहा है। जनपद व पंचायत स्तर पर इसका प्रचार प्रसार नहीं किया जाता है। इसके कारण दिव्यांगों को योजना की जानकारी नहीं है। जबकि निशक्त हरा कार्ड योजना के तहत दिव्यांगों के लिए खाद्य विभाग द्वारा हरा कार्ड जारी करती है। इस कार्ड के माध्यम से दिव्यांग को हर माह दस किलो राशन मिलता है। लेकिन इसका लाभ जिले के कुछ ही निःशक्त को मिल पा रहा है। दरसल योजना का प्रचार प्रसार न तो समाज कल्याण विभाग करती है और न ही जनपद व पंचायत स्तर पर किया जाता है। इसके कारण जिले के निशक्तों को उनके लिए ही बने योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। जबकि निःशक्त को हर माह दस किलो चावल मुफ्त में दिया जाना है।

चार हजार निःशक्त, सौ को लाभ

समाज कल्याण विभाग के पास करीब चार हजार से अधिक दिव्यांग का पंजीयन किया जा चुका है। लेकिन खाद्य विभाग से केवल 100 दिव्यांग को मुफ्त में राशन मिल पा रहा है। दरसल योजना की जानकारी नहीं होने के कारण दिव्यांगों ने खाद्य विभाग में राशन के लिए आवेदन नहीं किया है। इसके कारण केवल 100 दिव्यांग को मुफ्त में राशन मिल पा रहा है।

सदस्य का भी कार्ड

खाद्य विभाग द्वारा परिवार के मुखिया के नाम से यदि राशन कार्ड जारी किया जा चुका है और परिवार में कोई भी सदस्य दिव्यांग है तो भी उसके नाम से राशन कार्ड जारी किया जाएगा। पर उसका पंजीयन समाज कल्याण विभाग में होना चाहिए। परिवार के कार्ड से उसका नाम कार्ड दिया जाएगा और दिव्यांग के नाम से अलग हरा कार्ड जारी किया जाता है, जिसमें दिव्यांग को दस किलो चावल मुफ्त में दिया जाता है। लेकिन जानकारी के आभाव में गिनती के लिए दिव्यांगों को योजना का लाभ मिल पा रहा है।

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