कवर्धा। नईदुनिया न्यूज

सिकलसेल की बीमारी से जहां शहर 15 प्रतिशत प्रभावित है। वहीं वनांचल का भंगीटोला ग्राम इस सिकलसेल बीमारी से 80 प्रतिशत ग्रसित हो गया है। इस ग्राम में प्रत्येक घर सिकलसेल से पीडित लोग मिल जाते है। डॉक्टरों की माने तो यह बीमारी लाइलाज है। लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग में व विकासखण्डों में इसकी दवा उपलब्ध कराई गई है। ऐसा कहा जाता है कि यह बीमारी पीढ़ी दर पीढ़ी लगते रहती है। इस बीमारी से जो ग्रसित होते है उनके शरीर में खून का बनना बंद हो जाता है। सीधे तौर पर कहा जाये तो ऐसे भी मरीज मिलते है जिन्हें एक माह से तीन माह के अंदर रक्त की आवश्यकता पड़ती ही है।

कबीरधाम जिले में एक ऐसा गांव है। जहां के 80 प्रतिशत आबादी सिकलसेल अनुवांशिक बीमारी से ग्रसित है। यहां स्वास्थ्य सेवाएं पर्याप्त नहीं होने के कारण मरीज परेशान हो रहे है। वनांचल ग्राम कुकदूर मे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन स्टॉफ की कमी के चलते इस भंगीटोला ग्राम में अब तक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी नहीं किया गया है। वहीं जब इसकी जानकारी निकलकर सामने आई तो आनन-फानन में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। पर न जाने कितने लंबे समय इस ग्राम के लोग इस बीमारी से जूझ रहे है। चिरायु योजना में लगे लोग स्कूलों में फौरी जानकारी लेकर सिर्फ सर्दी खांसी की दवाएं देकर आ जाते है। पंड़रिया विकासखंड़ के वनांचल ग्राम पोलमी के वार्ड क्रमांक एक भंगीटोला मे रहने वाले ग्रामीण को यह बीमारी है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घुटने के नीचे दर्द होता है। जानकारी के अनुसार गांव मे रहने वाले कटिया समाज लोगों के बीच सिकलसेल की बीमारी व्याप्त है। भंगीटोला की कुल जनसंख्या लगभग 319 है। जिसमें से अधिकांश लोगों को इस बीमारी ग्रसित है। सदाराम, देवाषिश, अंगदराम, स्वागत, पिंकी, कामियां, दीना, पंकज, प्रमोद एवं अन्य लोग इस बीमारी से ग्रसित है। जानकर आश्चर्य होता है कि अभी तक इस गांव के लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई राहत नहीं पहुंचाई गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुकदुर मे मंगलवार को एक को खुन की कमी थी। जिसे जिला अस्पताल कवर्धा में खुन चढ़ाने के लिए भेजा गया। जिसका खुन की मात्र सिर्फ सात एमएल है। केके गजभिये मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि वहां के लोगों में सिकलसेल के लक्षण पाये गये है। उनके लिए तत्काल दवाइयों का इंतजाम कराया जा रहा है और गांव के प्रत्येक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।