रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

'हारों का सहारा..श्याम प्रभु हमारा..' एवं 'शीश के दानी की जय..' के जयकारे लगाते और नंगे पैर चलते हुए पांच किलोमीटर तक हाथों में ध्वजा थामे 601 महिलाएं खाटू श्याम के दरबार पहुंचीं। जिस रास्ते से भी श्रद्धालु निकले, भक्तिमय माहौल छा गया। यह नजारा राजा तालाब स्थित राणी सती मंदिर से निकली खाटू वाले श्याम प्रभु की निशान यात्रा में दिखाई दिया। दोपहर करीब तीन बजे निकली निशान यात्रा में महिलाएं एक सरीखी लाल-पीली चुनरी साड़ी पहनकर हाथों में ध्वजा थामे चल रही थीं। राणी सती मंदिर से लेकर समता कॉलोनी तक के मार्ग पर कहीं भी महिलाओं ने ध्वजा को जमीन पर नहीं रखा। कई महिलाओं के पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन श्रद्धा और उत्साह का ऐसा माहौल था कि महिलाएं छालों की परवाह किए बिना श्याम प्रभु की भक्ति में डूबी रहीं।

राणी सती मंदिर से निकली निशान यात्रा

खाटू वाले श्याम प्रभु की निशान यात्रा राजातालाब से निकलकर केनाल रोड, अंबेडकर अस्पताल चौक, मौदहापारा, नहरपारा, गुरुनानक चौक, रामसागरपारा, तेलघानी नाका, अग्रसेन चौक होते हुए समता कॉलोनी स्थित श्याम प्रभु के मंदिर पहुंची। निशान यात्रा में शामिल भक्तों ने श्याम प्रभु के चरणों में ध्वजा समर्पित करके पूजा-अर्चना की।

56 भोग लगाया

समता कॉलोनी खाटू मंदिर में दो दिवसीय श्रीश्याम प्रभु का रंग-रंगीला फाल्गुन महोत्सव की शुरुआत शाम को अखंड जोत प्रज्ज्वलित कर की गई। इस मौके पर श्याम प्रभु को 56 भोग अर्पित किया गया।

फूलों से महक रहा मंदिर परिसर

पूरे मंदिर परिसर को कोलकाता के कलाकारों ने सुगंधित फूलों से सजाया है। फूलों की खुशबू से परिसर महक रहा है। श्याम प्रभु का श्वेत पुष्पों से विशेष श्रृंगार किया गया है।

भजनों में झूमे भक्त

रात्रि में भजन गायक अजीत, सुरेश राजस्थानी एवं मनोज शर्मा ने श्याम बाबा की महिमा में एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। रातभर भक्तों ने भजनों का आनंद लिया।

धोक पूजा, सवामणि प्रसादी आज

महोत्सव के दूसरे दिन सुबह नौ बजे से धोक पूजन, सवामणी भोग का प्रसाद अर्पित किया जाएगा। दोपहर को भंडारे का आयोजन किया गया है। इसके पश्चात शाम पांच बजे से रात्रि नौ बजे तक श्रद्धालु भजनों का आनंद लेंगे।