कोंडागांव। नक्सल प्रभावित और सुविधा विहीन कोंडागांव जिले में आईटीबीपी के जवानों ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठता का परीचय देते हुए एक प्रसुता महिला और नवजात बच्चे की जान बचा ली है। कीचड़ से सनी कच्ची सड़क पर स्ट्रेचर में लाद कर आईटीबीपी के जवानों ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को पहले एंबुलेंस और फिर अस्पताल तक पहुंचाया।

महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया है और अब जच्चा-बच्चा दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है। भारत-तीब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की हेडली स्थित 41वीं बटालियन के जवानों ने इस बचाव अभियान को अंजाम दिया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हेडली गांव के हरिजनपारा निवासी पीलू राम की पत्नी स्र्क्मणी बघेल को शुक्रवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। उसकी हालत बिगड़ते देख महतारी एक्सप्रेस एंबुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन बारिश की वजह से पहुंच विहीन हो चुके इलाके में एंबुलेंस ला पाने में कर्मचारियों ने असमर्थता जताई।

यह बात जब स्थानीय बटालियन के अफसरों को पता चली तो असिस्टेंट कमाण्डेंट प्रवीण कुमार के निर्देश पर जवानों की टीम बचाव अभियान के लिए भेजी गई। जवानों ने स्ट्रेचर पर महिला को लाद कर करीब 7 किलोमीटर दूर एंबुलेंस तक और फिर अस्पताल तक महिला को पहुंचाया। यहां महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। गौरतलब है कि इस सुविधाविहीन जिले के कई पहुंच विहीन गांवों में आईटीबीपी के जवान इस तरह के कई सफल बचाव अभियान पहले भी कर चुके हैं।