कोंडागांव। नईदुनिया न्यूज

जिले के दूरस्थ सुदूर अंचल एवं संवेदनशील क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने जिला प्रशासन ने विशेष रणनीति बनाई है। मतदाताओं में मतदान के प्रति विशेष जागरुकता अभियान के तहत 10 अक्टूबर को कलेक्टर नीलकंठ टीकाम द्वारा विकासखंड कोंडागांव के सीमावर्ती गांव मटवाल, हड़ेली एवं कुधूर के मतदान केन्द्रों का सघन दौरा किया गया। इन क्षेत्रों की सीमायें अन्य जिलों जैसे नारायणपुर, बीजपुर तथा बस्तर जिलों की सीमाओं से मिलती है। कलेक्टर द्वारा इस संबंध में पुलिस अधिकारियों के साथ किए गए दौरे को महत्वपूर्ण माना जा सकता है। मौके पर कलेक्टर ने कहा कि पड़ोसी जिलों की सीमाओं पर नजर रखने एवं माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पारदर्शी मतदान कराना एक बड़ी चुनौती है। इससे भी बड़ी चुनौती यहां के रहवासियों को मतदान करने के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष फोकस किया गया है जिसमें मतदान केन्द्रो का स्थानांतरण किया जाना शामिल है जिससे लोगों को मतदान करने के लिए अधिक दूर जाने की आवश्यकता न पड़े। इस दौरान कलेक्टर ने मतदान केन्द्रों में जाकर उपलब्ध सुविधाओं जैसे रैम्प, शेड, पेयजल एवं प्रसाधन कक्षों जैसे व्यवस्थाओं को भी देखा।

प्रत्याशियों को पुलिस व प्रशासन को देनी होगी जानकारी

कलेक्टर ने पुलिस अधिकारियों से विशेष चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि इन क्षेत्रों में प्रत्याशियों की सुरक्षा हेतु पुख्ता रणनीति बनानी होगी। इसके अलावा प्रत्याशियों को यह अवगत कराना होगा कि वे ऐसे क्षेत्रों में जाने की जानकारी पुलिस और जिला प्रशासन को अवश्य दे ताकि उनके लिए व्यापक सुरक्षात्मक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही कलेक्टर ने आने वाले सुरक्षा बलो के रुकने, उनके मौके पर तैनाती तथा सुरक्षित वापसी के लिए पहले से ही रोड मैप तैयार करने को कहा। साथ ही उनका यह भी कहना था कि जिन जगहों पर सुरक्षा बलों की रुकने की व्यवस्था हो वहां बुनियादी सुविधाऐं पूर्व से ही सुनिश्चित कर ली जाये।

कलेक्टर ने ग्रामीणों को बताया मतदान का महत्व

मौके पर स्वीप कार्यक्रम के तहत जिला कलेक्टर ने ग्राम मटवाल में ग्रामीणों से रुबरु होते हुए उन्हें मतदान के महत्व की जानकारी दी और बताया कि लोकतंत्र में चुनाव प्रणाली का सर्वाधिक महत्व है क्योंकि इसके तहत हम अपने बीच के ऐसे प्रतिनिधि को चुनते है जो उनके क्षेत्र के सर्वांगीण विकास जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि जैसी बुनियादी सुविधाओं में इजाफा करे। हर किसी को खुलकर मतदान करने के अलावा औरों को भी प्रेरित करना चाहिए। इसके लिए हमें असामाजिक तत्वों के बहकावे में आने की जरुरत नहीं है क्योंकि यह जाहिर हो चुका है कि वे विकास विरोधी है।

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