कोंडागांव। नईदुनिया न्यूज

विधानसभा निर्वाचन के तहत आगामी 11 दिसंबर को जिला मुख्यालय के शासकीय गुण्डाधूर महाविद्यालय में मतगणना होगी। सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू होने वाली मतगणना में सबसे पहले डाक मत पत्रों की गिनती शुरू की जाएगी। डाक मतपत्रों की गिनती में आधा घंटे से अधिक का समय लगने पर समानांतर रूप से ईव्हीएम मशीनों से भी मतगणना शुरू हो जायेगी। मतगणना के लिए सभी आवश्यक तैयारियां प्रारंभ हो गई है। इसी कड़ी में शनिवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कोण्डागांव जिले के दोनो विधानसभा कोण्डागांव एवं केशकाल के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और मतगणनाकर्मियों को मतगणना की बारीकियों से रूबरू कराने प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मतगणना के लिए प्रत्याशी एजेंटों की नियुक्ति का आवेदन रिटर्निंग आफिसर को मतगणना की तय तिथि से तीन दिन पहले तक कर सकेंगें।

प्रशिक्षण में डिप्टी कलेक्टर खेमलाल वर्मा ने मतगणना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, वीवीपैट से वोटो की गिनती, सारणीकरण व उसकी डेटा एन्ट्री, मतगणना के लिए प्रशासनिक व सुरक्षा व्यवस्था, गणनाकर्मी और गणना अभिकर्ता की नियुक्ति, डाक मतपत्रों की गणना, प्रमुख वैधानिक प्रावधान, मतगणना केन्द्रों में आधारभूत संरचना की व्यवस्था, परिणामों की घोषणा और अनुगामी कार्यवाही तथा मतगणना पूरी होने के बाद ईवीएम और निर्वाचन सामग्रियों को सील करने के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

मास्टर ट्रेनर्स वेणुगोपाल राव ने बताया कि मतगणना केन्द्र में मतगणना कार्य में नियुक्त गणना सुपरवाइजर एवं गणना सहायक, आयोग द्वारा अधिकृत व्यक्ति निर्वाचन ड्यूटी में लगाए गए सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, अभ्यर्थी, उनके मतदान अभिकर्ता एवं गणना अभिकर्ता जारी प्रवेश पत्र के साथ ही प्रवेश कर सकेंगे। गणना अभिकर्ता अपने आबंटित टेबल पर ही बैठेंगे उन्हें हॉल में घूमने की अनुमति नही होगी।

मतगणना में तैनात किए जाने वाले मतगणना सुपरवाइजर, मतगणना सहायक और माइक्रो आब्जर्वरों का भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक उपस्थिति में मतगणना के 24 घण्टे पहले विधानसभावार रेण्डमाईजेशन करने के साथ ही मतगणना के दिन सुबह 5 बजे टेबल का आबंटन किया जाएगा। सभी गतिविधियों की अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी करायी जाएगी एवं सुबह 7 बजे तक सभी गणना कर्ता अपने टेबल पर बैठ जाएंगे।

प्रत्येक विधानसभा के लिए प्रत्येक हॉल में ईवीएम से मतों की गणना के लिए 14-14 टेबल लगायी जाएंगी। प्रत्येक टेबल पर एक गणना निरीक्षक (राजपत्रित अधिकारी) एक गणना सहायक, एक माइक्रो आब्जर्वर (केन्द्र सरकार का अधिकारी) और एक ग्रुप डी कर्मचारी होंगे। इसके अलावा रिजर्व स्टॉफ भी नियुक्त किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षण में मतगणना केन्द्रों में दूरसंचार, इंटरनेट, विद्युत, जनरेटर, पेयजल व्यवस्था, परिणामों की घोषणा के लिए लाउड स्पीकर, आपात चिकित्सा व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र तथा कानून व्यवस्था आदि के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।

ज्ञात हो कि आयोग के निर्देश अनुसार प्रत्याशी, मतगणना एजेंट, मतगणना कर्मी सहित किसी भी अधिकारी या कर्मचारी या मीडिया प्रतिनिधि के लिए मतगणना कक्ष में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। आयोग द्वारा प्रदत्त प्राधिकारपत्रधारी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए मतगणना केन्द्र में एक मीडिया सेंटर भी होगा, यहां वे अपने मोबाइल फोन रख सकेंगे। मतगणना कक्ष में मीडिया कर्मियों द्वारा फोन की बजाय फोटो खींचने के लिए हाथ से चलने वाले कैमरे ही मान्य किए जाएंगे।

इस अवसर पर प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन अधिकारी नीलकंठ टीकाम ने मतगणना कर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में मतगणना एक महत्वपूर्ण कार्य है और यह एक गंभीर दायित्व है। अतः मतगणना कार्य में नियुक्त सभी अधिकारी एवं कर्मचारी सावधानीपूर्वक आंकड़ो की शुद्घता पर ध्यान देवें।